West Bengal Election 2026

रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग : बंगाल में 91.40%, तमिलनाडु में 84.35% मतदान

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनाव: रिकॉर्डतोड़ बंपर वोटिंग, बंगाल में 91.40% तो तमिलनाडु में 84.35% मतदान; बीरभूम-मालदा में हिंसा

नई दिल्ली/कोलकाता/चेन्नई: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 2026 के लिए मतदान प्रक्रिया संपन्न हो गई है। इस बार दोनों राज्यों के मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और ऐतिहासिक मतदान के साथ नया रिकॉर्ड कायम किया है।

हालांकि, तमिलनाडु में जहां चुनाव पूरी तरह शांतिपूर्ण रहे, वहीं पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों (बीरभूम और मालदा) से हिंसा और सुरक्षाबलों पर पथराव की घटनाएं भी सामने आई हैं।

आजादी के बाद का सबसे बड़ा रिकॉर्ड, चुनाव आयोग ने किया ‘सलाम’

निर्वाचन आयोग के आधिकारिक ‘वोटर टर्नआउट ऐप’ (Voter Turnout App) पर रात आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, मतदान प्रतिशत ने पिछले सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं:

  • पश्चिम बंगाल: पहले चरण के मतदान में पश्चिम बंगाल में शानदार 91.40 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया है।

  • तमिलनाडु: सिंगल फेज के चुनाव में तमिलनाडु में भी बंपर 84.35 प्रतिशत वोटिंग हुई है। इस आंकड़े के साथ तमिलनाडु ने अपने 2011 के मतदान रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया है।

आयोग ने स्पष्ट किया है कि अंतिम और आधिकारिक आंकड़े आने के बाद इन प्रतिशतों में और भी बढ़ोतरी हो सकती है।

इस अभूतपूर्व उत्साह को देखते हुए देश के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “आजादी के बाद से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में यह अब तक का सबसे अधिक मतदान प्रतिशत है।

चुनाव आयोग इन दोनों राज्यों के प्रत्येक मतदाता को सलाम करता है।”

सियासी बयानबाजी तेज: शाह और ममता आमने-सामने

मतदान समाप्त होने के साथ ही राजनीतिक दलों के बीच प्रतिक्रियाओं का दौर भी शुरू हो गया है:

  • गृह मंत्री अमित शाह: भारी मतदान पर प्रतिक्रिया देते हुए अमित शाह ने दावा किया कि बंगाल में “तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भ्रष्टाचार का सूरज अब डूब चुका है।”

  • मुख्यमंत्री ममता बनर्जी: बंपर मतदान पर ममता बनर्जी ने पलटवार करते हुए कहा कि यह भारी वोटिंग असल में ‘मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण’ (SIR) और चुनाव आयोग की सख्ती के खिलाफ जनता का प्रतिरोध है।

पश्चिम बंगाल में छिटपुट हिंसा: CRPF जवानों पर पथराव

एक तरफ जहां भारी मतदान हुआ, वहीं पश्चिम बंगाल से चुनाव के दौरान हिंसा की खबरें भी आईं।

  • बीरभूम में बवाल: बीरभूम जिले के दुबराजपुर विधानसभा क्षेत्र के खैरासोल घुमर गांव में शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए तैनात CRPF जवानों पर स्थानीय लोगों ने अचानक पथराव कर दिया।

  • सुरक्षा बलों को निशाना बनाए जाने के बाद इलाके में भारी तनाव फैल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तत्काल अतिरिक्त सुरक्षा बलों को मौके पर भेजा गया।

मालदा में BJP के पोलिंग एजेंट पर जानलेवा हमला

हिंसा की एक अन्य बड़ी घटना पश्चिम बंगाल के मालदा में देखने को मिली।

  • मालदा की चांचल विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार रतन दास के पोलिंग एजेंट लक्ष्मण पांडेय पर कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं ने जानलेवा हमला कर दिया।

  • हमले के दौरान उनकी गाड़ी में भी जमकर तोड़फोड़ की गई। घायल लक्ष्मण पांडेय ने आरोप लगाया कि जब वह पोलिंग बूथ की तरफ जा रहे थे, तब टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें घेर लिया।

  • पांडेय ने यह भी गंभीर दावा किया कि टीएमसी के लोग करीब 150 से 200 मतदाताओं को डरा-धमका कर वोट डालने से रोक रहे थे।

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