PoK में बगावत: पाक आर्मी चीफ के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग
PoK ब्रेकिंग: गिलगित में पाकिस्तानी आर्मी चीफ के खिलाफ बगावत… ‘ईरान चले जाओ’ वाले बयान पर भड़के शिया धर्मगुरु… सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, आसिम मुनीर को दी खुली चुनौती… ‘तुम इजरायल के वफादार, हम डंके की चोट पर ईरान के साथ’… पाक सेना की ढीली पड़ती पकड़… पढ़ें ‘The Politics Again’ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट…
PoK के गिलगित में बगावत: पाक आर्मी चीफ के ‘ईरान चले जाओ’ वाले बयान पर सड़कों पर जनसैलाब, शिया धर्मगुरुओं ने दी खुली चुनौती
गिलगित | इंटरनेशनल एंड डिफेंस डेस्क, संतोष सेठ की रिपोर्ट The Politics Again
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) के गिलगित-बाल्टिस्तान इलाके में इस वक्त माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है।
Protest in Gilgit against Asim Munir’s misconduct toward Shia scholars:
“Asim Munir, if you openly stand in support of Israel, then we will also openly stand in support of Iran.
Let’s see whether you send us to Iran or we send you to Israel.” pic.twitter.com/yHbU0CaaeT— برهان الدین | Burhan uddin (@burhan_uddin_0) March 22, 2026
वहां की सड़कों पर उमड़ा भारी जनसैलाब किसी दुश्मन देश के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने ही देश के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर के खिलाफ आग उगल रहा है।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे शिया धर्मगुरुओं के तेवर इतने तल्ख हैं कि उन्होंने सीधे तौर पर शक्तिशाली पाकिस्तानी सेना की आंखों में आंखें डालकर चुनौती दे डाली है।
विवाद की जड़: आसिम मुनीर का विवादित बयान
इस पूरे विवाद और बगावत की जड़ पाकिस्तान के आर्मी चीफ जनरल आसिम मुनीर का एक बयान है।
जानकारी के मुताबिक, रावलपिंडी में एक इफ्तार पार्टी के दौरान मुनीर ने शिया धर्मगुरुओं से कहा था कि, “जिनको ईरान से बहुत प्यार है, वो वहीं चले जाएं।”
यह बयान अब पूरे पाकिस्तान के लिए सिरदर्द बन गया है और इसने देश में एक नए शिया-सुन्नी विवाद को जन्म दे दिया है।
धर्मगुरुओं की सीधी चुनौती: ‘तुम इजरायल के वफादार’
आसिम मुनीर के इस बयान से शिया समुदाय और उनके धर्मगुरुओं में भारी आक्रोश है।
-
प्रदर्शन के दौरान एक मौलाना ने ऊंचे स्वर में दहाड़ते हुए जनरल मुनीर को चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तानी हुकूमत और सेना परोक्ष रूप से इजरायल का पक्ष लेती है, तो वहां की अवाम भी डंके की चोट पर ईरान के साथ खड़ी होगी।
-
मौलानाओं ने मंच से सीधी चुनौती देते हुए कहा, “मैं आर्मी चीफ को ये पैगाम देता हूं… आसिम मुनीर अगर तुम खुलेआम इजरायल का साथ देते हो तो हम भी खुलेआम ईरान का साथ देंगे। देखते हैं तुम हमें ईरान भेजोगे या हम तुम्हें इजरायल भेजेंगे।”
-
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि सेना प्रमुख की वफादारी इजरायल और अमेरिका के प्रति है, और पाकिस्तानी सेना अमेरिका के इशारे पर सरकारें बदलती है।
क्यों भड़की यह आग? (खामेनेई की मौत और कराची हिंसा)
अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, हाल ही में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में शिया समुदाय ने अमेरिका और इजराइल के विरोध में प्रदर्शन किए थे।
कराची में अमेरिकी दूतावास के बाहर बड़ी संख्या में शिया समुदाय जुटा था, जहां हिंसा भड़क गई और करीब 20 लोगों की मौत की खबर सामने आई।
इसके बाद पाकिस्तानी आर्मी चीफ ने चेतावनी दी थी कि दूसरे देश की घटनाओं के आधार पर पाकिस्तान में हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शिया धर्मगुरुओं का आरोप है कि ऐसा कहकर मुनीर शिया समुदाय पर हिंसा का सारा दोष मढ़ रहे हैं। इसी बहस के बाद मुनीर ने ‘ईरान जाने’ वाला विवादित बयान दिया था।
पाकिस्तानी सेना की ढीली पड़ती पकड़
गिलगित में हुआ यह प्रदर्शन केवल एक जलसा नहीं है, बल्कि यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि गिलगित-बाल्टिस्तान में पाकिस्तानी सेना की पकड़ अब ढीली पड़ रही है।
लोग अब खुलकर जनरल आसिम मुनीर के खिलाफ खड़े हो रहे हैं और उनकी नीतियों को इस्लाम विरोधी करार दे रहे हैं।
यह पूरा घटनाक्रम दर्शाता है कि पाकिस्तान के प्रति असंतोष अब उस मुकाम पर पहुंच गया है, जहां जनता सीधे सेना को चुनौती दे रही है।











