ग्राम सभाओं में कम भागीदारी के कारण और सरकार के सुधारात्मक कदम
ग्राम सभाओं में कम भागीदारी चिंताजनक: सरकार ने गिनाए कारण और सुधार के लिए उठाए गए बड़े कदम”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
ग्रामीण लोकतंत्र की सबसे अहम इकाई ‘ग्राम सभा’ की बैठकों में लोगों की कम भागीदारी को लेकर केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है।
केंद्रीय पंचायती राज मंत्री श्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) ने 11 अगस्त 2026 को लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज संस्थान (NIRDPR) द्वारा हाल ही में एक राष्ट्रीय अध्ययन रिपोर्ट जारी की गई है।
इस रिपोर्ट में ग्राम सभाओं में लोगों की घटती और अनियमित भागीदारी के प्रमुख कारणों की पहचान की गई है।
ग्राम सभाओं में कम भागीदारी के मुख्य कारण:
अध्ययन के अनुसार, लोग आजीविका और काम की व्यस्तता, बैठकों के बारे में कम जागरूकता, अपर्याप्त सूचना तंत्र और शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई न होने के कारण ग्राम सभाओं में जाने से कतराते हैं।
इसके अलावा, अधिकारियों की अनुपस्थिति और शासन में पारदर्शिता की कमी भी बड़े कारण हैं।
महिलाओं की भागीदारी में प्रमुख बाधाएं:
रिपोर्ट में विशेष रूप से महिलाओं की कम भागीदारी पर भी प्रकाश डाला गया है। पारिवारिक जिम्मेदारियां, सामाजिक संकोच, चर्चाओं में पुरुषों का अत्यधिक प्रभुत्व और महिलाओं के लिए अवसरों की कमी अभी भी बड़ी रुकावटें बनी हुई हैं।
सुधार के लिए पंचायती राज मंत्रालय की पहल:
चूंकि पंचायत एक ‘राज्य का विषय’ है, इसलिए मंत्रालय ने सभी राज्यों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं ताकि ग्राम सभाओं को पुनर्जीवित किया जा सके। सरकार द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम निम्नलिखित हैं:
- राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (RGSA): वित्तीय वर्ष 2022-23 से इस संशोधित योजना के जरिए पंचायत प्रतिनिधियों, विशेषकर महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के नेतृत्व क्षमता और कौशल विकास के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- सशक्त पंचायत नेत्री अभियान: यह विशेष मॉड्यूल महिला पंचायत प्रतिनिधियों को उनके अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करने के लिए शुरू किया गया है, ताकि महिला नेतृत्व वाले सुशासन को बढ़ावा मिले।
- डिजिटल सशक्तिकरण (e-MMP): ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता लाने के लिए ‘ई-ग्रामस्वराज’ (e-GramSwaraj) पोर्टल और ‘पंचायत निर्णय’ डिजिटल एप्लिकेशन लॉन्च किए गए हैं, जो बैठकों के एजेंडे से लेकर फैसलों के रिकॉर्ड तक को डिजिटल बनाते हैं।
- आदर्श युवा ग्राम सभा: स्कूलों में बच्चों को जमीनी लोकतंत्र से रूबरू कराने के लिए ‘मॉक ग्राम सभा’ (Mock Gram Sabha) सत्र आयोजित किए जा रहे हैं।
- जन योजना अभियान: हर साल 2 अक्टूबर से 31 जनवरी तक चलने वाले इस अभियान के जरिए ग्रामीण विकास की समावेशी योजनाएं बनाने में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है।
सरकार का लक्ष्य इन पहलों और डिजिटल तकनीक के माध्यम से ग्राम पंचायतों को अधिक पारदर्शी, सहभागी और जवाबदेह बनाना है।











