A modern green hydrogen production plant setup at a petroleum refinery in India

पेट्रोलियम सेक्टर में हरित हाइड्रोजन को बढ़ावा, 30 KTPA क्षमता आवंटित

राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन: पेट्रोलियम और रिफाइनिंग सेक्टर में ग्रीन हाइड्रोजन को बढ़ावा, 30 KTPA क्षमता आवंटित”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

भारत को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक हब बनाने की दिशा में सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि

‘राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (NGHM)’ के तहत पेट्रोलियम और रिफाइनिंग सेक्टर में हरित हाइड्रोजन (Green Hydrogen) के उपयोग को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दिया जा रहा है।

इस मिशन का मुख्य उद्देश्य भारत को हरित हाइड्रोजन और इसके व्युत्पन्न पदार्थों के उत्पादन, उपयोग और निर्यात का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बनाना है।

रिफाइनरियों को 30 KTPA क्षमता का आवंटन

मिशन की ‘SIGHT’ (स्ट्रैटेजिक इंटरवेंशन्स फॉर ग्रीन हाइड्रोजन ट्रांजिशन) मोड-2B योजना के अंतर्गत देश की प्रमुख रिफाइनरियों के लिए कुल 30 किलो टन प्रति वर्ष (KTPA) की हरित हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता आवंटित की गई है। इसका विस्तृत विवरण इस प्रकार है:

  • इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL), पानीपत: 10 KTPA
  • भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL), बीना: 5 KTPA
  • हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL), विजाग: 5 KTPA
  • नुमालीगढ़ रिफाइनरीज लिमिटेड (NRL), नुमालीगढ़: 10 KTPA

निजी क्षेत्र की भागीदारी और BOO मॉडल

ये सभी उत्पादन परियोजनाएं निजी डेवलपर्स के माध्यम से ‘बिल्ड ओन ऑपरेट’ (Build Own Operate – BOO) व्यवस्था के तहत लागू की जा रही हैं।

इसमें संबंधित परियोजना डेवलपर्स द्वारा स्वयं प्रोजेक्ट-विशिष्ट निवेश किया जा रहा है, जिससे सरकारी खजाने पर दबाव पड़े बिना आधारभूत संरचना का विकास हो सकेगा।

मिशन के लाभ और नेट-जीरो लक्ष्य

सरकार का मानना है कि हरित हाइड्रोजन के घरेलू उत्पादन और उपयोग से आयातित जीवाश्म ईंधनों (Fossil Fuels) पर देश की निर्भरता काफी हद तक कम होगी।

इससे न केवल देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि भारत के स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन (Clean Energy Transition) तथा ‘नेट-जीरो’ (Net-Zero) उत्सर्जन लक्ष्यों को भी समय पर हासिल करने में बड़ी मदद मिलेगी।