राम मंदिर चंदा चोरी मामले में एसआईटी जांच और 8 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)
राम मंदिर चंदा चोरी विवाद: चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा, एक्शन में CM योगी; जानें कौन हैं सवालों में घिरे चंपत राय?
अयोध्या: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में हर गुजरते दिन के साथ बड़ी और अहम कार्रवाइयां देखने को मिल रही हैं।
एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट और 8 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब ‘श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ के शीर्ष पदाधिकारियों पर भी इसकी आंच पहुंच गई है।
‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा ने चंदा चोरी विवाद की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
हालांकि, दर्ज की गई पहली एफआईआर (FIR) में इन दोनों का नाम शामिल नहीं है, लेकिन इस इस्तीफे के बाद जांच की दिशा और तेज होने की पूरी संभावना है।
राम मंदिर निर्माण और चंदा प्रबंधन में अहम भूमिका निभाने वाले चंपत राय का जीवन और राजनीतिक सफर काफी सक्रिय रहा है:
प्रारंभिक जीवन: उनका जन्म साल 1946 में उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में हुआ था। उनका पूरा नाम चंपत राय बंसल है।
प्रोफेसर से प्रचारक: राम मंदिर आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल होने से पहले वे बिजनौर के RSS डिग्री कॉलेज में केमेस्ट्री (Chemistry) के प्रोफेसर थे।
आपातकाल का दौर: इमरजेंसी के दौरान जब पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने पहुंची, तो वे कॉलेज में छात्रों को पढ़ा रहे थे। उन्होंने आपातकाल के दौरान 18 महीने जेल में बिताए थे।
राम मंदिर आंदोलन: 1980-81 में अपनी नौकरी से इस्तीफा देकर वे पूरी तरह से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रचारक बन गए।
वे 1980 के दशक से ही राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे और 6 दिसंबर 1992 की कारसेवा में भी उनकी सक्रिय भागीदारी थी।
SIT की शुरुआती रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि रामलला के चंदे की निगरानी में भारी कमी रही और मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को ठीक ढंग से लागू नहीं किया गया।
इसी लापरवाही का फायदा उठाकर चंदा चोरी की गई। पुलिस ने मामले में अब तक 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्हें मेडिकल टेस्ट के बाद अदालत में पेश किया जाएगा।
| आरोपी का नाम | मामले में भूमिका / पहचान |
| रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू | चंपत राय का बेहद करीबी माना जाता है। |
| मनीष यादव | टिन्नू यादव का भतीजा (कैश गिनने में शामिल)। |
| लवकुश मिश्रा | चंदा चोरी मामले में सीधे तौर पर शामिल। |
| अनुकल्प मिश्रा | लवकुश मिश्रा का रिश्तेदार। |
| सुभाष श्रीवास्तव | कैश काउंटिंग की निगरानी का प्रभारी (यह सीधे अनिल मिश्रा को रिपोर्ट करता था)। |
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पूरी तरह से एक्शन मोड में हैं।
देवरिया में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को कड़ी चेतावनी दी।
“19 जून को मैंने कहा था कि SIT की रिपोर्ट आते ही एक्शन होगा। ठीक एक हफ्ते बाद कार्रवाई आप सबके सामने है। जो भी इस मामले में शामिल है, सबसे हिसाब-किताब चुकता होगा। SIT की टीम एक-एक आरोपी को ढूंढ कर बाहर निकालेगी। सनातन आस्था के साथ जो भी खेलेगा, उसका अंजाम उसे भुगतना पड़ेगा।” – योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इस मामले में दूध का दूध और पानी का पानी किया जाएगा। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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