राजस्थान : जानिए ! हनुमानगढ़ में क्यों हुआ बवाल? लोगों ने 16 वाहन फूंके

“राजस्थान के हनुमानगढ़ में भारी बवाल के बाद तनाव फैला हुआ है, पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। स्कूल और दुकानें भी बंद हैं। जिले में टिब्बी कस्बे के पास इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। टिब्बी इलाके में 18 नवंबर की रात से ही धारा 163 लागू है। हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों की 2 टुकड़ियों को तैनात कर दिया गया है”

हनुमानगढ़ 11 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

बुधवार को हनुमानगढ़ के टिब्बी तहसील के राठीखेड़ा गांव में एथेनॉल फैक्ट्री का विरोध कर रहे ग्रामीणों और पुलिस के बीच झड़प के बाद आगजनी हो गई। गुस्साए ग्रामीणों ने 16 गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। 

प्रदर्शनकारी किसानों और पुलिस के बीच झड़प हो गई जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टरों से फैक्ट्री की दीवार तोड़ दी। वहीं पुलिस ने भीड़ को रोकने की कोशिश में लाठीचार्ज किया। आंसू गैस के गोले छोड़े लेकिन प्रदर्शनकारियों के उग्र होने की वजह से पुलिस को पीछे हटना पड़ा। हालांकि अब स्थिति नियंत्रण में है।

हनुमानगढ़ में क्यों हुआ बवाल?

  1. दरअसल, राठीखेड़ा के पास करीब 450 करोड़ रुपये की लागत से एशिया की सबसे बड़ी एथेनॉल फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है।
  2. ग्रामीणों का आरोप है कि फैक्ट्री लगने से पर्यावरण पर असर पड़ेगा, उनकी खेती प्रभावित होगी।
  3. ऐसे में किसान काफी समय से आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन हाल ही में उन्हें धरनास्थल से हटा दिया गया।
  4. इसके बाद फैक्ट्री की चारदीवारी का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया।
  5. निर्माण कंपनी का कहना है कि सभी पर्यावरण मानकों का पालन किया जा रहा है।

मामले में बवाल तब बढ़ जब बुधवार को किसानों ने SDM कार्यालय के बाहर फैक्ट्री के विरोध में सभा की और शाम करीब 4 बजे प्रदर्शनकारी फैक्ट्री साइट की ओर कूच कर गए। भीड़ अचानक बढ़ने से माहौल तनावपूर्ण हो गया और कुछ ही देर में लोग निर्माण स्थल तक पहुंच गए।

किसानों ने ट्रैक्टरों से निर्माणाधीन एथेनॉल फैक्ट्री की दीवार को तोड़ दिया जिसके बाद स्थिति बिगड़ गई। हंगामा बढ़ा तो पुलिस ने लाठीचार्ज किया लेकिन भीड़ ज्यादा होने पर पुलिस पीछे हट गई। 

संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनियां घायल

इस दौरान 10-12 पुलिसकर्मी और संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनियां सहित कई आंदोलनकारी घायल हो गए। किसानों ने कई गाड़ियों में तोड़फोड़ और आगजनी की जिसमें कई पुलिसकर्मी और लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि किसानों का कहना है कि पुलिस मनमानी कर रही है और फैक्ट्री मालिक से मिली हुई है।

टिब्बी और आसपास के गांवों में इंटरनेट सेवा बंद

भारी हंगामे को देखते हुए इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। आधा दर्जन से ज्यादा थानों के पुलिसकर्मियों के साथ ASP और दो DSP मौके पर मौजूद हैं।

हालात काबू में रखने के लिए सीमा सुरक्षा बल की दो टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं साथ ही प्रशासन ने टिब्बी कस्बे और आसपास के गांवों में इंटरनेट बंद कर दिया है। आज स्कूल और दुकानें भी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

कांग्रेस नेताओं का आंदोलन को समर्थन 

कई विपक्षी दल भी इस आंदोलन के समर्थन में उतर आए हैं। हालांकि प्रशासन चप्पे-चप्पे पर नजर रखे हुए है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की जा रही है।

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