Railway Budget 2026: हवाई जहाज को टक्कर देगी ट्रेन! दिल्ली से साउथ तक बिछेंगे 7 नए हाई-स्पीड कॉरिडोर, ₹2.78 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट
“वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 9वें बजट में भारतीय रेलवे की तस्वीर बदलने का खाका पेश कर दिया है”
नई दिल्ली ‘The Politics Again’ संतोष सेठ की रिपोर्ट
सरकार ने रेलवे के लिए ₹2,78,030 करोड़ के ऐतिहासिक आवंटन की घोषणा की है। लेकिन इस बजट की सबसे बड़ी खबर ‘वंदे भारत’ से आगे की है।
सरकार ने देश भर में 7 नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (बुलेट ट्रेन रूट) बनाने का ऐलान किया है, जो आम आदमी के लिए हवाई सफर का एक सस्ता और सुविधाजनक विकल्प बनेंगे।
ये 7 रूट बदल देंगे सफर का अंदाज
वित्त मंत्री ने इन्हें शहरों के बीच ‘ग्रोथ कनेक्टर’ (Growth Connector) नाम दिया है। ये कॉरिडोर न केवल यात्रा का समय आधा करेंगे, बल्कि उत्तर भारत को दक्षिण और पश्चिम से तेज गति से जोड़ेंगे। प्रस्तावित 7 कॉरिडोर इस प्रकार हैं:
-
दिल्ली – वाराणसी: उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को नई रफ़्तार मिलेगी।
-
वाराणसी – सिलीगुड़ी: बिहार और बंगाल के रास्ते पूर्वोत्तर भारत का द्वार खुलेगा।
-
मुंबई – पुणे: महाराष्ट्र के दो सबसे बड़े शहरों के बीच सुपरफास्ट कनेक्टिविटी।
-
पुणे – हैदराबाद: आईटी और बिजनेस हब को जोड़ने वाला रूट।
-
हैदराबाद – बेंगलुरु: दक्षिण भारत के दो टेक शहरों के बीच हाई-स्पीड लिंक।
-
हैदराबाद – चेन्नई: औद्योगिक और सांस्कृतिक राजधानी का मिलन।
-
चेन्नई – बेंगलुरु: दक्षिण भारत का सबसे व्यस्त रूट अब होगा और भी तेज।
डंकुनी से सूरत: नया फ्रेट कॉरिडोर
सिर्फ यात्रियों के लिए ही नहीं, बल्कि सामान ढुलाई (Freight) के लिए भी बड़ी घोषणा हुई है। पश्चिम बंगाल के डंकुनी से गुजरात के सूरत के बीच एक नया ‘डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर’ (DFC) बनाया जाएगा।
इसका मकसद पूर्वी भारत के सामान को पश्चिमी बंदरगाहों तक तेजी से पहुंचाना है। यह पूरी तरह पर्यावरण अनुकूल (Eco-friendly) होगा।
“रेल मंत्रालय ने इस आवंटन को ‘विकसित भारत’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रेन के बाद अब इन 7 नए हाई-स्पीड कॉरिडोर का ऐलान यह बताता है कि सरकार अगले 5-10 सालों में भारतीय रेल को वर्ल्ड क्लास बनाने के लिए प्रतिबद्ध है”











