Police investigating the Lohagad Fort murder case in Pune where a man was pushed into a gorge by his fiancée

प्यार तूने क्या किया : 17 करोड़ का महल और खूनी इश्क

पुणे का खौफनाक मर्डर: 17 करोड़ की शादी से बचने के लिए मंगेतर ने रची खूनी साजिश, प्रेमी के साथ मिलकर 400 फीट गहरी खाई में दिया धक्का”

पुणे: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

सोशल मीडिया पर दिखने वाली ‘परफेक्ट लव स्टोरी’ के पीछे कितनी खौफनाक सच्चाई छिपी हो सकती है, इसका जीता-जागता उदाहरण पुणे में देखने को मिला है।

‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, पुणे के प्रसिद्ध लोहागढ़ किले (Lohagad Fort) में 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सोची-समझी हत्या थी।

इस हत्या की मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि उसकी मंगेतर सिया गोयल निकली, जिसने अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर केतन को मौत के घाट उतार दिया।

जन्मदिन पर दिया मौत का तोहफा और बहाए घड़ियाली आंसू

18 जून (सिया के जन्मदिन) को सिया और केतन लोहागढ़ किले पर गए थे। सिया ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कहानी रची कि तेज हवा के कारण केतन का पैर फिसल गया और वह 350-400 फीट गहरी खाई में गिर गया।

हादसे को सच साबित करने के लिए सिया ने इंस्टाग्राम पर केतन के साथ रोमांटिक वीडियो शेयर करते हुए एक बेहद भावुक पोस्ट भी लिखी:

“तुमने मुझे मेरे जन्मदिन के दिन ही छोड़ दिया। तुम तब गए जब हम शादी करने के बेहद करीब थे। मुझे अभी तक समझ नहीं आ रहा कि तुमने मेरे साथ ऐसा क्यों किया। जब मैं तुमसे इतना प्यार करती थी, तो मुझे छोड़कर क्यों चले गए? भगवान तुम्हारी आत्मा को शांति दे।”

हत्या की असल वजह: 17 करोड़ का महल और खूनी इश्क

पुलिस जांच में सामने आया कि यह पूरी साजिश एक ‘लव ट्रायंगल’ का नतीजा थी।

  • शाही शादी की तैयारी: केतन और सिया की सगाई इसी साल फरवरी में हुई थी। नवंबर में इनकी राजस्थान के उदयपुर में शाही शादी होने वाली थी, जिसके लिए 17 करोड़ रुपये का महल भी बुक हो चुका था।

  • प्रेमी का दखल: सिया इस शादी से खुश नहीं थी। उसका कोंढवा निवासी 22 वर्षीय चेतन बाबूलाल चौधरी से प्रेम प्रसंग चल रहा था।

  • चेतन केतन को अपने रास्ते का कांटा मानता था, जिसके बाद दोनों ने उसे रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।

प्री-प्लान्ड मर्डर: ‘मैं नीचे झुकूं, तो तुम धक्का दे देना’

डीएसपी गजानन टोम्पे के अनुसार, 18 जून को सिया केतन को बहाने से लोहागढ़ किले के ‘विंचू काटा रिज’ (Vinchu Kata ridge) के पास एक सुनसान चट्टान पर ले गई।

  • सिग्नल तय था: चेतन पीछे से उनका पीछा कर रहा था। दोनों के बीच पहले से तय था कि जैसे ही सिया नीचे झुकेगी, चेतन केतन को धक्का दे देगा। सिया ने ठीक वैसा ही किया और चेतन ने केतन को गहरी खाई में धकेल दिया।

  • डिजिटल चालाकी: पुलिस को चकमा देने के लिए चेतन अपनी लोकेशन ट्रैकिंग से बचना चाहता था।

  • इसलिए वह अपना फोन अपनी दुकान पर ही छोड़ गया था और अपने एक कर्मचारी का फोन लेकर वारदात को अंजाम देने पहुंचा था।

14 जून को फेल हो गया था पहला प्लान

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिया ने 14 जून को भी केतन की हत्या की कोशिश की थी। उसने केतन को धक्का दिया था, लेकिन खुशकिस्मती से केतन एक पेड़ को पकड़कर लटक गया और उसकी जान बच गई। इसके बाद 18 जून को दूसरा पुख्ता प्लान बनाया गया।

बयानों के झोल ने खोला राज, दोनों गिरफ्तार

केतन के पिता विशाल अग्रवाल की शिकायत और मां के संदेह के बाद पुलिस ने जांच तेज की। पुणे ग्रामीण पुलिस अधीक्षक संदीप सिंह गिल के मुताबिक, सिया के बयानों में लगातार विरोधाभास मिल रहा था।

इसके बाद स्थानीय अपराध शाखा ने चेतन चौधरी को हिरासत में लिया, जिसने पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सिया और चेतन दोनों को शराब पीने की लत थी और नशे की हालत में भी उन्होंने कई बातें कबूली हैं।

पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी को ‘भारतीय न्याय संहिता’ (BNS) के तहत हत्या और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट ने दोनों को 7 दिनों की पुलिस हिरासत में भेज दिया है।

परिवार की मांग: ‘फास्ट ट्रैक कोर्ट में चले केस’

अपने इकलौते बेटे को खोने के बाद केतन के पिता विशाल अग्रवाल ने न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा, “अब हमारा कुछ नहीं बचा है। हत्यारों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलना चाहिए और उन्हें जल्द से जल्द फांसी होनी चाहिए, ताकि मेरे बेटे की आत्मा को शांति मिल सके।”