Delhi government orders safety inspection of coaching centers in Mukherjee Nagar and Rajendra Nagar

दिल्ली के 923 कोचिंग सेंटर्स की होगी जांच, शिक्षा मंत्री का सख्त एक्शन

दिल्ली के 923 कोचिंग सेंटर्स की होगी सघन जांच, शिक्षा मंत्री आशीष सूद का सख्त आदेश: ‘कागजों पर नहीं, मौके पर हो एक्शन’

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट 

देश की राजधानी दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लाखों छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है।

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने राजधानी के कोचिंग हब्स में सुरक्षा मानकों की सिरे से जांच करने का सख्त आदेश जारी किया है।

‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, इस महाभियान के तहत दिल्ली के कुल 923 कोचिंग संस्थानों का सघन निरीक्षण किया जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वालों पर तत्काल प्रभाव से कड़ी कार्रवाई होगी।

उच्च स्तरीय बैठक में लिया गया फैसला

छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, शिक्षा मंत्री आशीष सूद की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस अहम बैठक में कई प्रमुख विभागों के शीर्ष अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जिनमें शामिल हैं:

  • गृह विभाग (Home Department)
  • दिल्ली नगर निगम (MCD)
  • शहरी विकास विभाग (Urban Development Department)
  • दिल्ली अग्निशमन सेवा (Delhi Fire Services)
  • दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA)
  • उच्च शिक्षा निदेशालय (Directorate of Higher Education)

बैठक के दौरान कोचिंग संस्थानों में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety), भवन निर्माण नियमों (Building Norms) और छात्रों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

शिक्षा मंत्री की दो टूक: ‘कागजी कार्रवाई नहीं, जमीनी हकीकत देखें’

शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी सूरत में छात्रों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती।

“कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा मानकों की जांच केवल कागजों और फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अधिकारी खुद मौके पर जाएं और वास्तविक स्थिति का आकलन करें। जहां भी नियमों का उल्लंघन मिले, वहां बिना किसी देरी के सख्त कार्रवाई की जाए।” – आशीष सूद, शिक्षा मंत्री, दिल्ली

मुखर्जी नगर, राजेंद्र नगर और कटवरिया सराय पर विशेष नजर

दिल्ली को देश का सबसे बड़ा ‘कोचिंग हब’ माना जाता है। ऐसे में जांच दलों का सबसे ज्यादा फोकस मुखर्जी नगर, ओल्ड राजेंद्र नगर और कटवरिया सराय जैसे प्रमुख इलाकों पर रहेगा।

इन क्षेत्रों में देशभर से बड़ी संख्या में छात्र आईएएस (UPSC), एसएससी (SSC) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आते हैं।

निरीक्षण के दौरान इन मुख्य बिंदुओं पर होगी जांच:

  1. अग्नि सुरक्षा उपकरण: क्या संस्थान में पर्याप्त और चालू हालत में फायर एक्सटिंग्विशर (Fire Extinguishers) मौजूद हैं?
  2. आपातकालीन निकासी (Emergency Exit): किसी भी दुर्घटना के समय छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए पर्याप्त निकास द्वार और सीढ़ियां हैं या नहीं।
  3. भवन की स्थिति: इमारत जर्जर तो नहीं है और क्या बेसमेंट का उपयोग नियमों के अनुसार किया जा रहा है।
  4. क्षमता से अधिक छात्र: क्या छोटे क्लासरूम में क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाया जा रहा है।

सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि दिल्ली में एक सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इस जांच अभियान में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

PREMIUM NEWS

अपनी Premium Membership चुनें

Premium articles बिना restriction पढ़ें।

Monthly

₹99/month

30 days Premium access

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

The Politics Again will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.