जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम सैमुअल पॉल एन ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि जौनपुर में अब प्रति 1200 मतदाताओं पर एक पोलिंग बूथ बनाया जाएगा और जर्जर भवनों को बदला जाएगा।
जौनपुर में 2027 विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट तेज: 1200 वोटरों पर बनेगा एक पोलिंग बूथ; DM ने जारी किए बूथ पुनरीक्षण के नए और सख्त नियम”
जौनपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : वरुण यादव की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा सामान्य निर्वाचन की तैयारियां जौनपुर जिला प्रशासन ने अभी से शुरू कर दी हैं।
जिले में मतदान को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए पोलिंग बूथों (मतदेय स्थलों) का पुनरीक्षण और सम्भाजन किया जा रहा है।
गुरुवार (02 जुलाई, 2026) को जिला निर्वाचन अधिकारी/जिलाधिकारी श्री सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम बैठक संपन्न हुई, जिसमें बूथों के बदलाव और नए मानकों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उ०प्र० (लखनऊ) के निर्देशों के अनुसार, अब मतदेय स्थलों का सम्भाजन प्रति 1200 मतदाताओं के मानक के आधार पर किया जाएगा।
यह सुनिश्चित किया जाएगा कि एक बूथ पर 1200 से अधिक वोटर न हों। साथ ही, यह भी देखा जाएगा कि एक ही परिवार के सभी सदस्यों का नाम एक ही भाग और एक ही स्थान (बूथ) पर रहे, ताकि किसी भी परिवार को वोट डालने के लिए अलग-अलग जगह न जाना पड़े।
चुनाव आयोग इस बार शहरी क्षेत्रों के मतदाताओं की सुविधा पर विशेष जोर दे रहा है।
ग्राउंड फ्लोर पर सुविधा: शहरी क्षेत्रों में जहां ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज तथा बहुमंजिला भवन बन गए हैं, वहां भूतल (Ground Floor) पर सामुदायिक हॉल उपलब्ध होने पर उसी सोसाइटी में मतदान केंद्र बनाया जाएगा।
नई कॉलोनियां: पिछले कुछ वर्षों में विकसित हुई नई आवासीय कॉलोनियों में भी आवश्यकतानुसार नए बूथ स्थापित किए जाएंगे।
प्रशासन ने पोलिंग बूथों के निर्धारण के लिए एक सख्त टाइमलाइन तय की है:
| गतिविधि / कार्य | निर्धारित तिथि (2026) |
| भौतिक सत्यापन एवं नए बूथों का चिन्हांकन | 24 से 28 जून (संपन्न) |
| राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श | 29 जून से 01 जुलाई (संपन्न) |
| मतदेय स्थलों की आलेख्य सूची (Draft) का प्रकाशन | 04 जुलाई |
| सांसदों, विधायकों व दलों के साथ बैठक कर निस्तारण | 18 जुलाई |
| चुनाव आयोग को प्रस्ताव भेजने की तिथि | 25, 27 एवं 28 जुलाई |
| मुख्य निर्वाचन कार्यालय द्वारा अंतिम अनुमोदन हेतु प्रेषण | 31 जुलाई |
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने पोलिंग बूथों के निर्धारण को लेकर अधिकारियों को कई कड़े निर्देश दिए, जो इस प्रकार हैं:
2 किमी के दायरे में हो बूथ: कोई भी मतदेय स्थल मुख्य गांव या बस्ती से 2 किलोमीटर से अधिक दूरी पर नहीं होना चाहिए।
जर्जर भवनों की छुट्टी: अत्यधिक पुराने, जर्जर और अस्थायी निर्माण वाले बूथों को हटाकर उसी क्षेत्र के सुरक्षित स्थायी सरकारी भवनों में शिफ्ट किया जाएगा।
राजनीतिक दखलंदाजी पर रोक: किसी भी राजनीतिक दल या लेबर यूनियन के कार्यालय से 200 मीटर के अंदर कोई मतदान केंद्र नहीं बनाया जाएगा। किसी राजनेता के स्वामित्व वाले निजी भवन/विवाह घर/दुकान में बने बूथों को भी तुरंत बदला जाएगा।
दिव्यांगजनों के लिए रैंप: यह सुनिश्चित किया जाए कि सभी मतदान केंद्र यथासंभव भूतल (Ground Floor) पर हों और अशक्त/दिव्यांग मतदाताओं के लिए रैंप की अनिवार्य व्यवस्था हो।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने बैठक में उपस्थित सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की है कि यदि वर्तमान में स्थापित मतदेय स्थलों को लेकर उनकी कोई आपत्ति या सुझाव है, तो वे इसे प्रशासन को लिखित रूप में उपलब्ध करा सकते हैं, ताकि समय रहते उनका समाधान किया जा सके।
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