संगम में आस्था का सैलाब

प्रयागराज : संगम पर 2.5 करोड़ डुबकियों की तैयारी, अभेद्य किले में तब्दील

“मोक्षदायिनी माँ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर आज मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। कड़कड़ाती ठंड और कोहरे को मात देते हुए, बृहस्पतिवार तड़के से ही श्रद्धालुओं और कल्पवासियों ने संगम में आस्था की डुबकी लगानी शुरू कर दी है”

ब्यूरो रिपोर्ट | प्रयागराज, 15 / 01 / 2026 

मेला प्रशासन के अनुमान के मुताबिक, आज मकर संक्रांति के मुख्य स्नान पर्व पर दो से ढाई करोड़ श्रद्धालु पुण्य की डुबकी लगाएंगे। इससे पहले बुधवार को ही 75 लाख से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं।

24 घाट और ‘हाईटेक’ ट्रैफिक प्लान

श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है।

  • घाटों का विस्तार: नदी की धारा में बदलाव को देखते हुए घाटों में संशोधन किया गया है और कुल 24 स्नान घाट तैयार किए गए हैं।

  • हाईटेक कंट्रोल: मेले में एक आधुनिक ट्रैफिक कंट्रोल रूम (TCR) स्थापित किया गया है जो हाईटेक रिस्पांस प्लान पर काम कर रहा है।

  • रूट प्लान: एसपी नीरज कुमार पांडेय के अनुसार, “जो जिधर से आएगा, उसे उसी के नजदीकी घाट पर स्नान कराया जाएगा” ताकि भगदड़ की स्थिति न बने।

सुरक्षा: जल, थल और नभ से निगरानी

पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार के मुताबिक, मेला क्षेत्र की सुरक्षा के लिए जमीन से लेकर पानी तक कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरा क्षेत्र छावनी में तब्दील हो गया है:

  • फोर्स की तैनाती: 12 कंपनी पीएसी, 7 कंपनी बाढ़ राहत पीएसी, 2 टीम एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ, 6 कंपनी आरएएफ (RAF) और एटीएस (ATS) की दो कमांडो टीमें तैनात हैं।

  • बम निरोधक दस्ता: बीडीडीएस की 6 टीमें और एंटी माइंस की एक कंपनी चप्पे-चप्पे की जांच कर रही है।

  • मैनपावर: सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 1 एसपी, 8 एएसपी, 17 सीओ, 6000 से ज्यादा दरोगा-सिपाही और 1000 रिक्रूट आरक्षी तैनात किए गए हैं।

  • जल पुलिस: डीएम मनीष वर्मा ने जल पुलिस को विशेष सतर्कता बरतने और गोताखोरों को मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है।

‘सोने की मनाही’ और 8 जाम पॉइंट्स पर नजर

भीड़ प्रबंधन (Crowd Management) के लिए एक विशेष और सख्त प्रोटोकॉल लागू किया गया है:

  1. नो स्लीपिंग जोन: स्नान घाटों और आने-जाने वाले रास्तों पर किसी को भी सोने या रुकने नहीं दिया जाएगा ताकि रास्ता जाम न हो और पैनिक न फैले।

  2. वायरलेस अनिवार्य: संचार व्यवस्था न टूटे, इसके लिए अधिकारियों को अनिवार्य रूप से वायरलेस सेट का उपयोग करने को कहा गया है।

  3. क्यूआरटी (QRT): जाम लगने वाले 8 संवेदनशील स्थानों को चिह्नित किया गया है। यहाँ से जाम हटाने के लिए 6-6 सिपाहियों वाली क्विक रिस्पांस टीमें (QRT) तैनात हैं, जो कंट्रोल रूम की सूचना पर तुरंत एक्शन लेंगी।

कल्पवासियों का विराट समागम

संगम का तट संतों, साधु-संन्यासियों और कल्पवासियों के विराट समागम का केंद्र बन गया है। सिर पर गठरी और हाथों में झोला लिए लाखों लोग पैदल ही संगम की ओर बढ़ रहे हैं।

मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नदी के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए और उसी अनुसार घाटों पर व्यवस्था की जाए।

🚦 मकर संक्रांति स्पेशल: ट्रैफिक डायवर्जन और पार्किंग गाइड

1. रूट और नजदीकी स्नान घाट (Route & Nearest Ghat Guide)

आप किस रास्ते से आ रहे हैं? (Incoming Route) आपकी पार्किंग कहाँ होगी? (Parking Spot) आपके लिए नजदीकी और सुविधाजनक घाट (Nearest Ghat)
लखनऊ / प्रतापगढ़ मार्ग फाफामऊ / बेला कछार पार्किंग फाफामऊ घाट, नागवासुकी घाट
कानपुर / कौशाम्बी मार्ग बमरौली या हाईकोर्ट के पास निर्धारित पार्किंग राम घाट, संगम नोज (काली सड़क होते हुए)
वाराणसी / भदोही मार्ग झूसी क्षेत्र / छतनाग पार्किंग छतनाग घाट, झूसी की तरफ से संगम
मिर्जापुर / रीवा (MP) / नैनी लेप्रोसी मिशन / अरैल पार्किंग अरैल घाट, यमुना तट
अयोध्या / सुल्तानपुर मार्ग फाफामऊ / सोरांव पार्किंग फाफामऊ घाट

2. प्रमुख पार्किंग स्थल और क्षमता (Major Parking Zones)

मेला प्रशासन ने शहर के बाहरी हिस्सों में ही बड़े वाहनों को रोकने के लिए चेक-पॉइंट्स बनाए हैं। मुख्य मेला क्षेत्र ‘नो व्हीकल जोन’ (No Vehicle Zone) रहेगा।

पार्किंग स्थल का नाम किसके लिए आरक्षित?
प्लाट नंबर 17 (परेड ग्राउंड) वीआईपी और पास धारक वाहन
काली सड़क पार्किंग कल्पवासी और पास धारक
जवाहर लाल नेहरू रोड दो पहिया वाहन / सामान्य पार्किंग
नैनी / अरैल पार्किंग दक्षिण (South) की ओर से आने वाले वाहन
बेला कछार (फाफामऊ) लखनऊ और अयोध्या रोड की बसें/कारें

🚨 यातायात के 4 सुनहरे नियम (Traffic Advisory)

  1. भारी वाहन प्रतिबंधित: शहर में भारी वाहनों (ट्रक/डंपर) की एंट्री पूरी तरह बंद कर दी गई है।

  2. पैदल मार्ग: संगम नोज और हनुमान मंदिर के पास का क्षेत्र केवल पैदल यात्रियों (Pedestrians only) के लिए है।

  3. शटल बस सेवा: बाहरी पार्किंग स्थलों से संगम के करीब तक लाने के लिए ई-रिक्शा और शटल बसों की व्यवस्था की गई है, लेकिन भीड़ बढ़ने पर इन्हें भी रोका जा सकता है।

  4. हेल्पलाइन: यदि आप जाम में फंसें या रास्ता भटकें, तो ट्रैफिक पुलिस हेल्पलाइन 1095 या यूपी 112 पर कॉल करें।


नोट: एसपी (ट्रैफिक) के अनुसार, भीड़ के दबाव को देखते हुए दारागंज और अलोपीबाग फ्लाईओवर पर ट्रैफिक कभी भी वन-वे (One-way) या डायवर्ट किया जा सकता है।