"CM Yogi Adityanath offering Khichdi at Gorakhnath Temple on Makar Sankranti 2026"

गोरक्षपीठाधीश्वर अनुष्ठान: सीएम योगी ने ब्रह्म मुहूर्त में चढ़ाई ‘आस्था की खिचड़ी’

“मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आज तड़के गोरखपुर का माहौल भक्तिमय हो गया” उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में ठीक 4 बजे नाथपंथ की विशिष्ट परंपरा का निर्वहन करते हुए बाबा गोरखनाथ को ‘आस्था की पवित्र खिचड़ी’ अर्पित की।

ब्यूरो रिपोर्ट | गोरखपुर, 15 / 01 / 2026 

मंदिर के गर्भगृह में विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने के बाद, उन्होंने शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ से समस्त देशवासियों के सुखमय, समृद्ध और निरोगी जीवन की प्रार्थना की।

‘यह मेरा परम सौभाग्य है’

खिचड़ी चढ़ाने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए सीएम योगी ने अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा:

“यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे आज ब्रह्म मुहूर्त में गुरु गोरखनाथ जी को खिचड़ी चढ़ाने और अपनी आस्था व्यक्त करने का अवसर मिला। आज लाखों श्रद्धालु कतारबद्ध होकर बाबा के दरबार में अपनी हाजिरी लगा रहे हैं।”

सूर्यदेव जगत की आत्मा हैं: सीएम योगी

पर्व के आध्यात्मिक महत्व को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सूर्यदेव वास्तव में इस जगत की आत्मा हैं।

  • उत्तरायण का महत्व: जब सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं, तो यह ‘संक्रांति’ कहलाती है। आज से सूर्यदेव उत्तरायण हो गए हैं, यानी अब दिन बड़े और रातें छोटी होंगी।

  • मांगलिक कार्य शुरू: सीएम ने बताया कि आज से सनातन धर्म में विवाह, मुंडन और गृह प्रवेश जैसे सभी शुभ और मांगलिक कार्य फिर से शुरू हो जाएंगे, जो पिछले एक महीने (खरमास) से वर्जित थे।

अनेकता में एकता का प्रतीक

मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि मकर संक्रांति देश को जोड़ने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि यह त्योहार पूरे भारत में अलग-अलग नामों से मनाया जाता है:

  • पूर्व भारत: बिहू

  • पश्चिम भारत: लोहड़ी

  • दक्षिण भारत: पोंगल

  • उत्तर भारत: खिचड़ी/मकर संक्रांति

प्रयागराज और गोरखपुर में उमड़ा आस्था का सैलाब

सीएम योगी ने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। उन्होंने विशेष रूप से प्रयागराज का जिक्र करते हुए कहा कि वहां भी लाखों श्रद्धालु और कल्पवासी मां गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम में डुबकी लगा रहे हैं। गोरखपुर में भी बुधवार से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है।