केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने नई दिल्ली में खाद्यान्न भंडारण को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए AI और IoT आधारित 'स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम' का शुभारंभ किया।
भारत के खाद्यान्न भंडारण में AI और IoT की एंट्री: केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने लॉन्च किया ‘स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम’
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत की खाद्य सुरक्षा प्रणाली और खाद्यान्न भंडारण (Food Grain Storage) को पूरी तरह से आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
गुरुवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित एक भव्य समारोह में केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी ने ‘स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम’ (Smart Warehousing System) का आधिकारिक रूप से शुभारंभ किया।
इस अवसर पर राज्य मंत्री श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बंभानिया भी उपस्थित रहीं। यह प्रणाली सार्वजनिक क्षेत्र के खाद्यान्न भंडारण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) आधारित प्रौद्योगिकियों की दुनिया की सबसे बड़ी तैनाती मानी जा रही है।
इस क्रांतिकारी पहल को शुरुआत में केंद्रीय भंडारण निगम (CWC) के 215 बोरी आधारित खाद्यान्न गोदामों में लागू कर दिया गया है।
वहीं, भारतीय खाद्य निगम (FCI) अतिरिक्त 150 गोदामों में इस अत्याधुनिक प्रणाली को स्थापित कर रहा है।
यह नया सिस्टम कई उन्नत और हाई-टेक प्रौद्योगिकियों से लैस है, जिनमें शामिल हैं:
फास्टटैग (FASTag) और ANPR आधारित गेट ऑटोमेशन।
जियो-टैग्ड स्मार्ट लॉक के माध्यम से इंटेलिजेंट एक्सेस कंट्रोल।
AI-सक्षम बैग काउंटिंग: बोरियों की सटीक गिनती।
फेशियल रिकग्निशन (Face Recognition) सिस्टम और ऑब्जेक्ट डिटेक्शन।
IoT-आधारित निगरानी: पर्यावरणीय मापदंडों की जांच।
AI-संचालित सुरक्षा: आग, धुआं और चूहों (Rodent Detection) का तत्काल पता लगाना।
यह प्लेटफॉर्म ERP इंटीग्रेशन और स्वचालित रिकॉर्ड निर्माण का भी समर्थन करता है।
समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा कि सरकार प्रौद्योगिकी आधारित सुधारों के जरिए भारत की खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम से खाद्यान्नों का वैज्ञानिक भंडारण और बेहतर संरक्षण सुनिश्चित होगा। इसका सीधा लाभ देश के किसानों, गोदाम संचालकों और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के अंतर्गत आने वाले 80 करोड़ से अधिक गरीब लाभार्थियों को मिलेगा।
डिजिटलीकरण की उपलब्धियां गिनाते हुए मंत्री महोदय ने बताया कि डिजिटल हस्तक्षेपों (Digital Interventions) के माध्यम से सरकार ने 24.3 करोड़ से अधिक अपात्र और फर्जी राशन कार्डों की पहचान कर उन्हें रद्द कर दिया है। इससे व्यवस्था में अभूतपूर्व पारदर्शिता आई है।
कार्यक्रम के दौरान ‘डिपो दर्पण’ मूल्यांकन के तहत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले 20 गोदामों को सम्मानित भी किया गया।
यह ‘स्मार्ट वेयरहाउसिंग सिस्टम’ सीधे तौर पर डिजिटल इंडिया, इंडिया एआई मिशन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्यों को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
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