PM SVANidhi Yojana Loan

पीएम स्वनिधि योजना: रेहड़ी-पटरी वालों को बिना गारंटी ₹50,000 का लोन

पीएम स्वनिधि योजना: रेहड़ी-पटरी वालों के लिए ‘वरदान’, बिना गारंटी पाएं 50,000 रुपये तक का लोन, जानें आवेदन का तरीका”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

कोरोना महामारी (Covid-19) के मुश्किल दौर में अपने रोजगार से हाथ धो बैठे रेहड़ी-पटरी वालों (Street Vendors) के लिए शुरू की गई ‘पीएम स्वनिधि योजना’ (PM SVANidhi Scheme) आज देश के लाखों छोटे व्यापारियों के लिए वरदान साबित हो रही है।

बिना किसी गारंटी के सस्ता लोन देने वाली इस योजना ने न केवल अनौपचारिक कार्यबल को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ा है, बल्कि उनके वित्तीय सशक्तिकरण की नई इबारत भी लिखी है।

योजना की शानदार सफलता और जमीन पर इसके सकारात्मक प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने अब इस योजना की अवधि को मार्च 2030 तक के लिए बढ़ा दिया है।

आइए जानते हैं क्या है यह योजना और कैसे छोटे व्यापारी इसका लाभ उठाकर अपने व्यवसाय को नई उड़ान दे रहे हैं।

क्या है पीएम स्वनिधि योजना और किसे मिलता है लाभ?

पीएम स्वनिधि (PM Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi) केंद्रीय क्षेत्र की एक खास योजना है। इसे जून 2020 में आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) तथा वित्तीय सेवा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से शुरू किया गया था।

  • कौन है पात्र ? कोई भी व्यक्ति जो सड़क, फुटपाथ या ठेले पर सब्जी, फल, स्ट्रीट फूड बेचता है। इसके अलावा नाई की दुकान, मोची, या कपड़े प्रेस करने वाले (लॉन्ड्री) जैसी सेवाएं देने वाले छोटे व्यापारी भी इसके हकदार हैं।

  • उद्देश्य : रेहड़ी-पटरी वालों को किफायती कार्यशील पूंजी (Working Capital) मुहैया कराना ताकि वे महाजनों के चंगुल से बच सकें।

योजना के बड़े फायदे: ₹50,000 तक का बिना गारंटी लोन

इस योजना के तहत छोटे व्यापारियों को क्रमिक रूप से आर्थिक मदद दी जाती है:

  • पहला चरण: 15,000 रुपये तक का लोन।

  • दूसरा और तीसरा चरण: समय पर लोन चुकाने वाले लाभार्थियों को अगले चरण में क्रमशः 25,000 रुपये और 50,000 रुपये तक का बिना गारंटी लोन मिलता है।

  • ब्याज पर 7% सब्सिडी: जो लाभार्थी समय पर अपनी किस्त चुकाते हैं, उन्हें 7% वार्षिक ब्याज सब्सिडी सीधे उनके खाते में दी जाती है।

  • क्रेडिट कार्ड की सुविधा: पात्र विक्रेताओं को 30,000 रुपये तक की लिमिट वाला UPI-लिंक्ड RuPay क्रेडिट कार्ड भी दिया जाता है।

‘डिजिटल’ बन रहे ठेले वाले: कैशबैक का भी फायदा

योजना ने रेहड़ी-पटरी वालों के बीच डिजिटल पेमेंट (Digital Transactions) को तेजी से बढ़ावा दिया है।

  • डिजिटल लेनदेन करने पर व्यापारियों को 1,600 रुपये तक का कैशबैक प्रोत्साहन मिलता है।

  • अब तक 55 लाख से अधिक विक्रेताओं ने लगभग 8.96 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 841 करोड़ डिजिटल लेनदेन पूरे किए हैं।

‘स्वनिधि से समृद्धि’: परिवार को मिलती है 8 अन्य योजनाओं की सुरक्षा

यह योजना केवल लोन तक सीमित नहीं है। ‘स्वनिधि से समृद्धि’ पहल के तहत सरकार लाभार्थियों के परिवारों की प्रोफाइलिंग करती है और उन्हें केंद्र सरकार की 8 अन्य कल्याणकारी योजनाओं (जैसे बीमा, राशन आदि) से सीधे जोड़ती है। अब तक 50 लाख से अधिक परिवारों को 1.52 करोड़ से अधिक कल्याणकारी लाभ दिए जा चुके हैं।

सफलता के आंकड़े: बदल रही है छोटे व्यापारियों की जिंदगी

  • कुल लोन: अब तक 75.5 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी वालों को 17,800 करोड़ रुपये से अधिक का लोन (112 लाख से ज्यादा ऋण) बांटा जा चुका है।

  • आय में वृद्धि: हालिया अध्ययनों के अनुसार, लाभार्थियों की आय में औसतन 20% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है।

  • सामाजिक सशक्तिकरण: योजना के 46% लाभार्थी महिलाएं हैं, और लगभग 70% लाभार्थी हाशिए पर रहने वाले समुदायों (SC/ST/OBC) से आते हैं।

कैसे करें आवेदन? (How to Apply)

लोन की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। औसतन 23 दिनों के भीतर लोन पास हो जाता है।

  • जिन विक्रेताओं के पास वैध संस्तुति-पत्र (LoR) या विक्रय प्रमाणपत्र (CoV) है, वे योजना के आधिकारिक पोर्टल, मोबाइल ऐप के जरिए या अपने नजदीकी शहरी स्थानीय निकाय (नगर निगम/नगर पालिका) की मदद से आवेदन कर सकते हैं।