PM मोदी का छात्रों को ‘गुरुमंत्र’: “सुनो सबकी, करो अपने मन की”; गेमिंग और सस्ते डेटा की बर्बादी पर दी बड़ी चेतावनी

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को अपने आवास (7, लोक कल्याण मार्ग) पर ‘परीक्षा पे चर्चा’ (PPC 2026) के 9वें संस्करण के दौरान देश के भविष्य यानी छात्रों से सीधा संवाद किया”

नई दिल्ली: “The Politics Again” लवली रमेश धमीजा की रिपोर्ट 

इस बार पीएम का अंदाज केवल परीक्षा के तनाव को दूर करने तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), गेमिंग और इंटरनेट की लत जैसे आधुनिक मुद्दों पर भी खुलकर बात की।

 

“सस्ता डेटा है, इसलिए समय बर्बाद न करें”

पीएम मोदी ने छात्रों को इंटरनेट के सही इस्तेमाल की नसीहत दी। एक छात्र द्वारा गेम डेवलपर बनने की इच्छा जताने पर पीएम ने कहा:

  • “गेमिंग एक स्किल है, इसका इस्तेमाल सतर्कता बढ़ाने और आत्म-विकास के लिए करें।”

  • चेतावनी: “भारत में इंटरनेट और डेटा सस्ता है, सिर्फ इसलिए इसमें समय बर्बाद न करें। जो लोग पैसे के लिए गेमिंग (सट्टेबाजी) करते हैं, वे बर्बाद हो जाएंगे। हमारी सरकार ने ऑनलाइन जुए के खिलाफ सख्त कानून बनाया है।”

“मैं कल को नहीं, आने वाले कल को देखता हूं”

आत्मविश्वास पर जोर देते हुए पीएम ने छात्रों से कहा,

“आपके माता-पिता, शिक्षक या दोस्त कुछ भी कहें, आप सबकी सुनें, लेकिन अंत में अपने तरीके (Original Style) पर भरोसा रखें।”

उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए कहा,

“पीएम बनने के बाद भी लोग मुझे सलाह देते हैं। मैंने अपने काम के तरीके में कुछ बदलाव किए, लेकिन अपना मूल स्वभाव नहीं छोड़ा। मैं बीते हुए कल को नहीं, हमेशा आने वाले कल को देखता हूं।”

अंकों से आगे ‘सर्वांगीण विकास’

पीएम ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पढ़ाई का मकसद सिर्फ अच्छे नंबर लाना नहीं, बल्कि जीवन का सर्वांगीण विकास (Holistic Development) होना चाहिए।

एक अच्छा शिक्षक वही है जो केवल सिलेबस न पढ़ाए, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाए।

4.5 करोड़ लोगों की भागीदारी

शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस साल PPC के लिए 4.5 करोड़ रजिस्ट्रेशन हुए। कार्यक्रम दिल्ली के अलावा गुवाहाटी, रायपुर, कोयंबटूर और गुजरात के देव मोगरा में भी आयोजित किया गया।