PM Modi Norway Grand Cross Award

PM मोदी का डंका: नॉर्वे और स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान से नवाजे गए

PM मोदी का दुनिया में डंका : नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस’ से हुए सम्मानित, एक दिन पहले स्वीडन ने भी नवाजा था

ओस्लो/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

वैश्विक पटल पर भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कद लगातार बढ़ता जा रहा है। अपनी पांच देशों की अहम कूटनीतिक यात्रा के तहत नॉर्वे पहुंचे पीएम मोदी को नॉर्वे के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, ‘रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट के ग्रैंड क्रॉस’ से सम्मानित किया गया है।

यह प्रधानमंत्री मोदी के प्रभावशाली नेतृत्व पर मुहर लगाते हुए उन्हें मिला 32वां अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।

क्या है नॉर्वे का यह ‘ग्रैंड क्रॉस’ सम्मान?

‘रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट का ग्रैंड क्रॉस’ नॉर्वे का सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। इसकी स्थापना वर्ष 1985 में राजा ओलाव पंचम (King Olav V) ने की थी।

  • यह प्रतिष्ठित पुरस्कार विदेशी और नॉर्वेजियन नागरिकों को नॉर्वे और पूरी मानवता के हित में उनकी उत्कृष्ट और निस्वार्थ सेवा के लिए प्रदान किया जाता है।

  • ऑर्डर ऑफ मेरिट को पांच श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें ‘ग्रैंड क्रॉस’ सबसे ऊंचा है। नियमों के मुताबिक, प्राप्तकर्ता की पदोन्नति या मृत्यु की स्थिति में इस ऑर्डर का प्रतीक चिन्ह वापस लौटा दिया जाता है।

स्वीडन ने भी दिया अपना सर्वोच्च सम्मान ‘पोलर स्टार’

नॉर्वे से ठीक एक दिन पहले, प्रधानमंत्री मोदी को स्वीडन के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार ‘रॉयल ​​ऑर्डर ऑफ पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस’ से भी नवाजा गया था।

  • यह सम्मान उन्हें भारत-स्वीडन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और उनके असाधारण दूरदर्शी नेतृत्व के लिए दिया गया।

  • पीएम मोदी ने इस सम्मान के लिए स्वीडन सरकार का आभार व्यक्त करते हुए फेसबुक पर लिखा,

  • “यह सम्मान न केवल मेरे लिए, बल्कि भारत के 140 करोड़ लोगों के लिए है। यह उन सभी मित्रों को श्रद्धांजलि है जिन्होंने भारत-स्वीडन संबंधों को एक मजबूत आधार प्रदान किया है।”

नॉर्वे के PM से मुलाकात और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा

अपनी पहली नॉर्वे यात्रा पर पहुंचे पीएम मोदी का ओस्लो में भव्य स्वागत किया गया। नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोरे (Jonas Gahr Støre) ने उनकी अगवानी की।

  • इसके बाद दोनों नेताओं के बीच प्रतिनिधिमंडल स्तर की व्यापक वार्ता हुई और एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया गया।

  • पीएम मोदी ने वैश्विक मंच से एक बार फिर शांति का संदेश देते हुए रूस-यूक्रेन युद्ध और मध्य पूर्व संघर्ष को केवल ‘संवाद और कूटनीति’ के माध्यम से हल करने का आह्वान किया।

  • साथ ही, प्रधानमंत्री ने पिछले साल हुए पहलगाम आतंकी हमले (जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी) के बाद भारत के पक्ष में खड़े होने और मजबूती से समर्थन देने के लिए नॉर्वे सरकार का विशेष आभार व्यक्त किया।