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PM मोदी का ममता बनर्जी पर हमला- ‘मां रो रही, माटी घुसपैठियों के पास’

पश्चिम बंगाल चुनाव: ‘मां रो रही, माटी घुसपैठियों के पास…’, दूसरे चरण से पहले PM मोदी का ममता सरकार पर तीखा प्रहार

कोलकाता/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण के मतदान (29 अप्रैल) से पहले राज्य का सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है।

महिला सुरक्षा और अपराधों के मुद्दे को मुख्य हथियार बनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर अब तक का सबसे तीखा राजनीतिक हमला बोला है।

‘मां, माटी, मानुष’ के नारे पर PM मोदी का तंज

प्रधानमंत्री ने टीएमसी सरकार पर महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने में पूरी तरह विफल रहने का आरोप लगाया।

उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के मुख्य राजनीतिक नारे “मां, माटी, मानुष” पर तंज कसते हुए कहा कि ममता सरकार ने अपने ही नारे और जनता के साथ बड़ा विश्वासघात किया है।

  • पीएम मोदी ने कहा, “‘मां’ आज रो रही है, ‘माटी’ पूरी तरह से घुसपैठियों के कब्जे में है और ‘मानुष’ (आम आदमी) डरा हुआ है।” *

  • अपने आरोपों को पुख्ता करने के लिए प्रधानमंत्री ने राज्य को झकझोर देने वाली कई दर्दनाक घटनाओं का प्रमुखता से हवाला दिया।

  • जिनमें हालिया ‘आरजी कर (RG Kar) अस्पताल कांड’, ‘कामदुनी मामला’ और ‘संदेशखाली’ जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।

ममता बनर्जी की ताकत: महिला वोटर्स और कल्याणकारी योजनाएं

बंगाल की राजनीति में महिला वोटर्स को ममता बनर्जी और टीएमसी का सबसे मजबूत और अभेद्य समर्थक (Vote Bank) माना जाता है।

मुख्यमंत्री ने पिछले कुछ वर्षों में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई महत्वाकांक्षी कल्याणकारी योजनाएं धरातल पर उतारी हैं:

  • लक्ष्मी भंडार (Lakshmir Bhandar): महिलाओं को हर महीने दी जाने वाली सीधी नकद आर्थिक सहायता।

  • कन्याश्री (Kanyashree): बालिकाओं की उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक मदद।

  • रूपश्री (Rupashree): गरीब परिवारों की बेटियों की शादी के लिए वित्तीय सहयोग।

  • मुक्तिर आलो (Muktir Alo): महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए व्यावसायिक प्रशिक्षण।

इन लोकलुभावन योजनाओं के कारण राज्य की महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि वे बंगाल में एक ऐसी बड़ी राजनीतिक ताकत के रूप में उभरी हैं, जो एकमुश्त वोट कर अक्सर चुनाव के अंतिम नतीजों को तय करती हैं।

बीजेपी की चुनावी रणनीति: ‘महिला सुरक्षा’ के जरिए टीएमसी के किले में सेंधमारी

भारतीय जनता पार्टी (BJP) लंबे समय से टीएमसी के इस मजबूत ‘महिला वोट बैंक’ में सेंध लगाने की कोशिश कर रही है।

  • ‘संदेशखाली’ में महिलाओं के साथ हुए कथित उत्पीड़न की घटनाओं के बाद से बीजेपी ने ‘महिला सुरक्षा’ और ‘कानून व्यवस्था’ के मुद्दे को अपनी चुनावी रणनीति का मुख्य केंद्र बिंदु बना लिया है।

  • पार्टी का सीधा प्रयास है कि टीएमसी नेताओं पर लग रहे आरोपों और असुरक्षा के इस मुद्दे के जरिए राज्य की महिला मतदाताओं के बीच टीएमसी की पकड़ को कमजोर किया जाए और दूसरे चरण सहित आगामी चुनावों के समीकरणों को अपने पक्ष में मोड़ा जाए।

अब यह देखना बेहद दिलचस्प होगा कि क्या बंगाल की महिलाएं ‘कल्याणकारी योजनाओं’ के नाम पर फिर से ममता बनर्जी पर भरोसा जताती हैं, या फिर ‘महिला सुरक्षा’ के मुद्दे पर बीजेपी के पक्ष में मतदान करती हैं।

Santosh SETH

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