PM मोदी का 70 हजार करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट

PM मोदी का 70 हजार करोड़ का मेगा प्रोजेक्ट, बनेंगे 2500 स्वदेशी जहाज

राज्यसभा ब्रेकिंग: मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच PM मोदी का बड़ा दांव… भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए 70,000 करोड़ का ‘मेगा प्लान’… बनेंगे 2500 स्वदेशी जहाज… विदेशी जहाजों पर 90% निर्भरता होगी खत्म… रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Reserves) पर भी दिया बड़ा अपडेट… पढ़ें ‘The Politics Again’ की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट…


ऊर्जा सुरक्षा पर PM मोदी का मास्टरस्ट्रोक: विदेशी निर्भरता खत्म करने के लिए 70,000 करोड़ का स्वदेशी जहाज प्रोजेक्ट; बनेंगे 2500 शिप

नई दिल्ली | नेशनल एंड बिज़नेस डेस्क, श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट The Politics Again

पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे भीषण भू-राजनीतिक तनाव और उसके कारण दुनिया भर में पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच, भारत ने अपनी ‘सप्लाई चेन’ को सुरक्षित करने के लिए एक ऐतिहासिक रणनीतिक कदम उठाया है।

मंगलवार को राज्यसभा में बोलते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि ऊर्जा आयात के लिए विदेशी जहाजों पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने 70,000 करोड़ रुपये की विशाल स्वदेशी जहाज निर्माण परियोजना की शुरुआत की है।

इस मेगा प्रोजेक्ट के तहत देश में 2500 अत्याधुनिक स्वदेशी जहाजों का निर्माण किया जाएगा, जो वैश्विक अस्थिरता के बीच भारत को आत्मनिर्भरता की ओर ले जाएगा।

विदेशी जहाजों पर 90% निर्भरता और रणनीतिक जोखिम

उच्च सदन (राज्यसभा) को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था की ऊर्जा जरूरतें काफी हद तक आयात पर टिकी हैं।

  • समस्या: पीएम ने बताया कि जब भी कोई वैश्विक चुनौती या युद्ध का संकट आता है, तो भारत को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसका मुख्य कारण यह है कि देश में आने वाले पेट्रोलियम पदार्थों का 90 प्रतिशत हिस्सा विदेशी जहाजों के माध्यम से ही आयात किया जाता है।

  • समाधान: लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन के इसी बड़े जोखिम से निपटने के लिए सरकार ने 70,000 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी स्वदेशी परियोजना की आधारशिला रखी है।

कूटनीति और रणनीतिक तेल भंडार पर फोकस

प्रधानमंत्री ने कहा कि अगर पश्चिम एशिया का संकट लंबे समय तक बना रहता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसके गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं।

  • होर्मुज जलडमरूमध्य: भारत सरकार सभी उपलब्ध स्रोतों से गैस और कच्चे तेल की खरीद सुनिश्चित कर रही है। भारत का मुख्य उद्देश्य कूटनीति के जरिए युद्ध को कम करना और बाधित ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ को खुलवाना है।

  • रणनीतिक तेल भंडार (Strategic Reserves): ऊर्जा सुरक्षा के मोर्चे पर अपडेट देते हुए पीएम मोदी ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में देश में 53 लाख मीट्रिक टन रणनीतिक तेल भंडार बनाए गए हैं, जबकि 65 लाख मीट्रिक टन की अतिरिक्त क्षमता विकसित करने पर तेजी से काम चल रहा है।

कुल मिलाकर, भारत सरकार पश्चिम एशिया के संकट को एक अवसर में बदलते हुए देश को ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है।

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