PM Modi Netherlands Visit ने पलटे सारे समीकरण
नीदरलैंड में गूंजा ‘शेर आया… शेर आया’; PM मोदी का भव्य स्वागत, ‘ट्यूलिप और कमल’ की दोस्ती से सेमीकंडक्टर तक… जानें दौरे के 5 बड़े मायने
एम्स्टर्डम/द हेग: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के बेहद अहम यूरोपीय दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड पहुंच गए हैं। एम्स्टर्डम हवाई अड्डे पर पहुंचते ही उनका बेहद भव्य और गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
इस दौरान वहां मौजूद प्रवासी भारतीयों में गजब का उत्साह दिखा और ‘मोदी-मोदी’ के साथ-साथ ‘शेर आया, शेर आया’ के जोरदार नारे गूंज उठे।
यह यात्रा न सिर्फ कूटनीतिक और रणनीतिक नजरिए से, बल्कि सांस्कृतिक और मानवीय संबंधों के लिहाज से भी भारत के लिए एक नया अध्याय लिख रही है।
आइए समझते हैं पीएम मोदी के इस नीदरलैंड दौरे की सबसे बड़ी बातें:
1. 27.8 अरब डॉलर का व्यापार और सेमीकंडक्टर पर फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड के प्रधानमंत्री रॉब येटेन (Rob Jetten) के साथ अहम द्विपक्षीय वार्ता की। साथ ही राजा विलेम अलेक्जेंडर व महारानी मैक्सिमा से भी मुलाकात की।
-
दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार 2024-25 में 27.8 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है। नीदरलैंड अब भारत में चौथा सबसे बड़ा विदेशी निवेशक है।
-
पीएम मोदी ने डच उद्योगपतियों से मुलाकात कर सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), स्वच्छ ऊर्जा और जल प्रबंधन जैसी अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी में सहयोग पर मुहर लगाई।
2. ‘ट्यूलिप’ और ‘कमल’ की दोस्ती; विपक्ष पर ‘झालमुड़ी’ वाला तंज
हेग (The Hague) में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने दोनों देशों की मित्रता को एक नया नाम दिया।
उन्होंने कहा कि जिस तरह नीदरलैंड ‘ट्यूलिप’ फूलों के लिए प्रसिद्ध है, उसी तरह भारत ‘कमल’ के लिए जाना जाता है; दोनों देश मिलकर विकास के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने भारत के हालिया चुनावों में रिकॉर्ड मतदान और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का जिक्र किया।
इसी बीच हल्के-फुल्के अंदाज में विपक्ष पर ‘झालमुड़ी’ कहकर तंज भी कसा, जिससे सभा में मौजूद लोग ठहाके लगाने लगे।
3. सूरीनामी-हिंदुस्तानी: 150 साल का अनोखा इतिहास
इस दौरे का सबसे खूबसूरत पहलू ‘सूरीनामी हिंदुस्तानी’ समुदाय की उपस्थिति रही।
-
1873 में यूपी, बिहार और बंगाल से ‘लल्ला रूख’ नामक जहाज से भारतीय मजदूर सूरीनाम गए थे।
-
आज उनके वंशजों की करीब 2 लाख की आबादी नीदरलैंड में बसती है। यह महाद्वीपीय यूरोप का सबसे बड़ा भारतीय मूल का समुदाय है।
-
इतने दशकों बाद भी इस समुदाय ने अपनी ‘सरनामी’ भाषा (भोजपुरी, अवधी और डच का मिश्रण) और ‘बैठकी गाना’ जैसी जड़ों को जीवित रखा है। राज मोहन जैसे कलाकार इस संस्कृति को नई पहचान दे रहे हैं।
4. खेल कूटनीति: हॉकी से लेकर ओलंपिक की दावेदारी तक
पीएम मोदी ने दोनों देशों की खेल संस्कृति की जमकर तारीफ की। उन्होंने नीदरलैंड क्रिकेट टीम के प्रदर्शन को सराहा और याद दिलाया कि भारतीय हॉकी की ऐतिहासिक सफलताओं में डच प्रशिक्षकों (कोच) का अहम योगदान रहा है।
उन्होंने मंच से यह भी साफ किया कि भारत भविष्य में ‘ओलंपिक खेलों’ की मेजबानी करने का सपना लेकर तेजी से आगे बढ़ रहा है।
5. अगला पड़ाव: नॉर्डिक समिट और इटली
नीदरलैंड में कूटनीतिक और सांस्कृतिक संबंध मजबूत करने के बाद, पीएम मोदी अपने दौरे के अगले पड़ाव के रूप में स्वीडन, नार्वे और इटली जाएंगे।
स्वीडन में उद्योग कार्यक्रमों में शिरकत होगी, नार्वे में ‘भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन’ में हिस्सा लेंगे और इटली में शीर्ष नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।











