पीएम मोदी महिला आरक्षण 2029

PM Modi Blog : 2029 चुनाव में लागू होगा महिला आरक्षण

2029 से आधी आबादी को पूरा हक! PM मोदी का बड़ा ब्लॉग- ’16 अप्रैल के विशेष सत्र में महिला आरक्षण पर होगा ऐतिहासिक फैसला’ 

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की ‘आधी आबादी’ के राजनीतिक सशक्तीकरण और प्रतिनिधित्व को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक ब्लॉग लिखा है।

पीएम मोदी ने स्पष्ट कर दिया है कि सितंबर 2023 में संसद द्वारा सर्वसम्मति से पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण) को अब पूरी तरह से धरातल पर उतारने का समय आ गया है।

प्रधानमंत्री ने ऐलान किया है कि 2029 के लोकसभा चुनाव और आने वाले राज्यों के विधानसभा चुनाव महिला आरक्षण के प्रावधानों (33% आरक्षण) के साथ ही कराए जाएंगे।

16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र, सर्वसम्मति की अपील

अपने ब्लॉग में प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि महिला आरक्षण को लागू करने से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा और उसे अंतिम रूप से पारित कराने के लिए 16 अप्रैल को संसद की एक विशेष ऐतिहासिक बैठक बुलाई गई है।

पीएम मोदी ने सभी राजनीतिक दलों और सांसदों से अपील करते हुए कहा,

“यह समय सामूहिक संकल्प का है। यह किसी एक सरकार या दल का विषय नहीं, पूरे राष्ट्र का विषय है। मैं सभी सांसदों से नारी शक्ति के लिए इस महत्वपूर्ण कदम का समर्थन करने का आग्रह करता हूं।”

‘महिलाओं की भागीदारी से सुधरेगी क्वालिटी ऑफ गवर्नेंस’

प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, सेना और उद्यमिता सहित हर क्षेत्र में महिलाएं मिसाल कायम कर रही हैं, लेकिन राजनीति और विधायी संस्थाओं में उनका प्रतिनिधित्व अभी भी उनकी भूमिका के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं के प्रशासन और नीति-निर्माण में आने से न केवल चर्चाएं समृद्ध होंगी, बल्कि ‘क्वालिटी ऑफ गवर्नेंस’ (शासन की गुणवत्ता) में भी भारी सुधार होगा। यह लोकतंत्र को अधिक संवेदनशील और संतुलित बनाएगा।

त्योहारों और महापुरुषों के मूल्यों का संगम

पीएम मोदी ने इस ऐतिहासिक क्षण को देश में चल रहे उत्सवों और महापुरुषों की जयंतियों से भी जोड़ा।

उन्होंने देशवासियों को असम के रोंगाली बिहू, ओडिशा के महा बिशुबा पणा संक्रांति, बंगाल के पोइला बैशाख, केरल के विषु, तमिलनाडु के पुथांडु और उत्तर भारत के बैसाखी पर्व की शुभकामनाएं दीं।

साथ ही, उन्होंने 11 अप्रैल को महात्मा ज्योतिबा फुले की 200वीं जयंती और 14 अप्रैल को डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती का स्मरण करते हुए कहा कि ये तिथियां हमें सामाजिक न्याय और मानवीय गरिमा के मूल्यों की याद दिलाती हैं, जो महिला आरक्षण के इस कदम से गहराई से जुड़े हैं।

पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि संविधान निर्माताओं के समानता के सपने को साकार करने के लिए इस फैसले को अब और नहीं टाला जा सकता।

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