'पीएम-अजय' योजना के माध्यम से अनुसूचित जाति-बहुल गांवों में बुनियादी ढांचे और आवश्यक सेवाओं का विकास कर उन्हें 'आदर्श ग्राम' बनाया जा रहा है।
पीएम-अजय (PM-AJAY) योजना से बदल रही अनुसूचित जाति समुदायों की तस्वीर, 16 हजार से अधिक गांव बने ‘आदर्श ग्राम’
नई दिल्ली: संतोष सेठ की रिपोर्ट : (THE POLITICS AGAIN)
केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना’ (PM-AJAY) अनुसूचित जाति (SC) समुदायों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तीकरण में मील का पत्थर साबित हो रही है।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के सचिव सुधांश पंत ने इस योजना की व्यापक सफलताओं और उपलब्धियों को साझा करते हुए बताया कि इसके माध्यम से देश भर में समावेशी विकास, गरीबी उन्मूलन और आजीविका के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं।
सचिव सुधांश पंत ने बताया कि ‘पीएम-अजय’ को वर्ष 2021-22 में तीन पुरानी योजनाओं का विलय करके एक नई केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में लागू किया गया था।
इसमें ‘प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना’ (PMAGY), ‘अनुसूचित जातियों के लिए विशेष केंद्रीय सहायता उप-योजना’ (SCA to SCSP) और ‘बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना’ (BJRCY) शामिल हैं।
इसका मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति-बहुल गांवों में बुनियादी ढांचे में सुधार, शिक्षा के अवसर और रोजगार सृजन करना है।
1. आदर्श ग्राम घटक:
अब तक 48,811 चयनित गांवों के लिए 3,545.10 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।
इनमें से विकास मानकों को पूरा करने वाले 16,022 गांवों को ‘आदर्श ग्राम’ घोषित किया जा चुका है।
हाल ही में वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान 629.26 करोड़ रुपये जारी किए गए और 8,823 गांवों को ‘आदर्श ग्राम’ का दर्जा मिला।
2. अनुदान सहायता (आजीविका और कौशल विकास):
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 7,142.69 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
इसके तहत कौशल विकास, आय सृजन और आजीविका प्रोत्साहन परियोजनाओं के माध्यम से 34.61 लाख लाभार्थियों को सीधा फायदा पहुंचा है। (वित्त वर्ष 2024-25 और 2025-26 में 705.63 करोड़ रुपये जारी कर हजारों लोगों को लाभान्वित किया गया)।
3. छात्रावास घटक (शिक्षा को बढ़ावा):
शिक्षा तक पहुंच को सुलभ बनाने के लिए 244 छात्रावासों के निर्माण और विस्तार हेतु 498.21 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं, जिससे 24,131 छात्रों को लाभ हुआ है।
मौजूदा दो वित्तीय वर्षों (2024-26) में 46 छात्रावासों के लिए 80.11 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि सरकार इस योजना के जरिए अनुसूचित जाति समुदायों के जीवन स्तर को समग्र रूप से सुधारने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।
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