US Iran Peace Deal Draft

अमेरिका-ईरान में शांति समझौता: होर्मुज जलडमरूमध्य से हटेगी नाकाबंदी

मध्य पूर्व में शांति की उम्मीद: अमेरिका और ईरान के बीच समझौते का ड्राफ्ट तैयार, होर्मुज जलडमरूमध्य से हटेगी नाकाबंदी!

वाशिंगटन/तेहरान: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

मध्य पूर्व (Middle East) में लंबे समय से जारी तनाव और सैन्य संघर्ष के बीच एक बड़ी और सकारात्मक कूटनीतिक खबर सामने आई है।

अमेरिका (USA) और ईरान (Iran) के बीच चल रहे गंभीर संघर्ष को कम करने के उद्देश्य से एक समझौता ज्ञापन (MOU) के मसौदे पर सहमति बनने के संकेत मिले हैं।

ईरान के सरकारी मीडिया ने बुधवार को इस प्रारंभिक समझौते की रूपरेखा का खुलासा किया।

इस संभावित समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक अहम आपातकालीन बैठक बुलाई है।

इस शांति समझौते का मुख्य उद्देश्य वैश्विक ऊर्जा संकट के केंद्र ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) में स्थिरता बहाल करना और दोनों देशों की प्राथमिक आर्थिक व सुरक्षा चिंताओं का समाधान करना है।

क्या है शांति समझौते के ड्राफ्ट (Draft) में?

ईरान के सरकारी टेलीविजन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इस बहुस्तरीय शांति प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जाएंगे:

  • ईरान की पहल: समझौते के तहत ईरान अगले 30 दिनों के भीतर ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ से वाणिज्यिक जहाजों (Commercial Ships) के आवागमन को युद्ध-पूर्व के स्तर पर बहाल कर देगा।

  • ओमान की भूमिका: इस अहम जलमार्ग का प्रबंधन ईरान द्वारा ओमान (Oman) के समन्वय (Coordination) से किया जाएगा।

  • हालांकि, मौजूदा मसौदे में अमेरिकी सैन्य जहाजों को इस विशिष्ट पारगमन ढांचे से बाहर रखा गया है।

  • अमेरिका का कदम: इसके बदले में संयुक्त राज्य अमेरिका ने ईरान के “आसपास के वातावरण” से अपने सैन्य बलों को वापस लेने की प्रतिबद्धता जताई है।

  • साथ ही, अमेरिका द्वारा मौजूदा नौसैनिक नाकाबंदी (Naval Blockade) को भी हटाए जाने की उम्मीद है।

  • UNSC का प्रस्ताव: यदि अगले 60 दिनों के भीतर इस अंतिम समझौते पर मुहर लग जाती है, तो इसे संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के एक बाध्यकारी प्रस्ताव के माध्यम से औपचारिक रूप दिया जाएगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक अर्थव्यवस्था की जीवन रेखा

यह समझौता वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए ‘संजीवनी’ साबित हो सकता है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद अहम है।

  • ऊर्जा संकट: मौजूदा नाकाबंदी के कारण दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल (Oil) और द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) की आपूर्ति बाजारों तक नहीं पहुंच पा रही है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है।

  • खाद्य संकट: इस रास्ते के बंद होने से उर्वरक (Fertilizers) वितरण भी ठप हो गया है, जिससे वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा हो गया है।

ट्रंप के लिए ‘जीत’, ईरान के लिए ‘आर्थिक युद्ध’

  • ट्रंप पर दबाव: अमेरिका में आगामी मध्यावधि चुनावों (Midterm Elections) से पहले राष्ट्रपति ट्रंप के लिए यह समझौता एक बड़ी राजनीतिक “जीत” साबित हो सकता है।

  • हालांकि, उन्हें इस बात को लेकर आलोचकों के दबाव का सामना भी करना पड़ रहा है कि कहीं इस समझौते से ईरान का कट्टरपंथी नेतृत्व और अधिक मजबूत न हो जाए।

  • ईरान का रुख: ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने अमेरिका के साथ इस मौजूदा संघर्ष को “आर्थिक युद्ध” करार दिया है और वाशिंगटन पर ईरानी जनता की आजीविका को निशाना बनाने का आरोप लगाया है।

  • वहीं, ईरान के ‘इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स’ (IRGC) ने कहा है कि प्रत्यक्ष युद्ध की संभावना न के बराबर है, लेकिन वे अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

यदि यह समझौता सफल होता है, तो यह न केवल मध्य पूर्व बल्कि पूरी दुनिया को एक बड़े आर्थिक और ऊर्जा संकट से उबारने में मील का पत्थर साबित होगा।