“पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना में कानून को ठेंगे पर रखने की एक और खौफनाक वारदात सामने आई है। बसीरहाट के न्याजाट (Nazat) थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात अवैध निर्माण रोकने गई पुलिस टीम पर भीड़ ने जानलेवा हमला कर दिया”
बसीरहाट/कोलकाता 04 / 01 / 2026 संतोष सेठ की रिपोर्ट
इस हिंसा में 6 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुए हैं और सरकारी वाहनों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। यह हमला ठीक उसी अंदाज में किया गया, जैसा 5 जनवरी 2024 को संदेशखली में ईडी (ED) की टीम पर हुआ था।
यह पूरा विवाद न्याजाट थाने के अंतर्गत आने वाली बयारमारी 2 ग्राम पंचायत के चुंचूड़ा इलाके से शुरू हुआ।
विवादित जमीन: एक जमीन पर अदालत के आदेशानुसार धारा 144 लागू थी, जिसका अर्थ है कि वहां किसी भी प्रकार का निर्माण या गतिविधि प्रतिबंधित है।
अवैध निर्माण: आरोप है कि जेल में बंद पूर्व तृणमूल नेता शेख शाहजहाँ के अनुयायी अदालत के आदेश की धज्जियां उड़ाते हुए रात के अंधेरे में वहां निर्माण कार्य कर रहे थे।
न्याजाट थाना सूत्रों के अनुसार, जब पुलिस की छोटी टीम मौके पर पहुँची और काम रोकने का निर्देश दिया, तो वहां मौजूद भीड़ हिंसक हो गई।
पथराव और तोड़फोड़: उपद्रवियों ने पुलिस को घेर लिया और ईंट-पत्थरों से हमला बोल दिया। पुलिस की जीप के शीशे तोड़ दिए गए।
घायल जवान: हमले में घायल 6 जवानों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए बाद में जिले से भारी पुलिस बल और ‘रैफ’ (RAF) को मौके पर भेजना पड़ा।
बसीरहाट जिला पुलिस के एसपी मेंहदी हसन रहमान ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस पर हमला सीधे तौर पर राज्य की संप्रभुता को चुनौती है।
गिरफ्तारी: अब तक 9 दंगाइयों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
पूछताछ: बयारमारी 2 ग्राम पंचायत के प्रधान को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस भीड़ को किसने उकसाया।
यह घटना चुनाव आयोग के उस आदेश के ठीक बाद हुई है, जिसमें 5 जनवरी (सोमवार) से हर हफ्ते कानून-व्यवस्था की रिपोर्ट मांगी गई है।
पहली साप्ताहिक रिपोर्ट: बसीरहाट की यह घटना आयोग की पहली साप्ताहिक रिपोर्ट का हिस्सा बनेगी।
कड़ी निगरानी: आयोग इस बात की जांच कर सकता है कि क्या यह हमला चुनाव से पहले पुलिस का मनोबल गिराने की कोशिश है।
शेख शाहजहाँ के जेल में होने के बावजूद उसके गुर्गों द्वारा पुलिस पर हमला करना यह दर्शाता है कि इलाके में ‘सिंडिकेट राज’ और ‘बाहुबल’ की जड़ें अभी भी गहरी हैं। यह घटना 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक माहौल को और अधिक गर्मा सकती है।
वाराणसी: धनतेरस पर स्वर्णमयी स्वरूप में भिक्षा दे रही हैं 'मां अन्नपूर्णा', भक्तों में बांटा…
दिवाली-छठ पर अलर्ट मोड में UP स्वास्थ्य विभाग: CM योगी के निर्देश, '24 घंटे खुले…
दिवाली-छठ की भीड़ के बीच एक्शन में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव: नई दिल्ली स्टेशन का…
स्पेशल रिपोर्ट: चांद पर पहुंचने वाला देश 'छठ-दिवाली' पर अपनों को घर पहुंचाने में नाकाम!…
महाराष्ट्र में NCP के दोनों गुटों के विलय की अटकलें तेज: प्रफुल्ल पटेल ने अस्पताल…
पंजाब के राजपुरा में बड़ा ट्रेन हादसा: 'कर्मभूमि एक्सप्रेस' के 4 डिब्बों में लगी भीषण…