अब बद्रीनाथ धाम में चंदा चोरी का आरोप: BKTC ने बैठाई जांच
अयोध्या राम मंदिर के बाद अब श्री बद्रीनाथ धाम में भी चढ़ावे में ‘गबन’ के आरोप; सोशल मीडिया पर बवाल के बाद BKTC ने दिए जांच के आदेश, कर्मचारियों को नोटिस”
बद्रीनाथ/देहरादून: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
अयोध्या के राम मंदिर में दान के कथित गबन को लेकर देशभर में जारी सियासी घमासान और विवाद के बीच, अब देश के एक और सबसे प्रमुख तीर्थ स्थल से ऐसा ही बड़ा मामला सामने आया है।
उत्तराखंड स्थित श्री बद्रीनाथ धाम में भी दान और चढ़ावे के कथित गलत इस्तेमाल और धांधली के दावे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं।
इन गंभीर आरोपों के बाद श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) में हड़कंप मच गया है। लाखों-करोड़ों भक्तों की आस्था से जुड़े इस मामले की गंभीरता को देखते हुए, समिति ने तत्काल प्रभाव से आधिकारिक जांच शुरू कर दी है।
BKTC चेयरमैन का बयान: ‘दोषी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई’
BKTC के चेयरमैन हेमंत द्विवेदी ने मामले को लेकर एक वीडियो संदेश जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित जांच के लिए एक ‘जांच पैनल’ बनाने का आदेश दिया है।
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द्विवेदी ने कहा, “श्री बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे के कथित गबन को लेकर सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को मंदिर समिति ने बहुत गंभीरता से लिया है। जांच के बाद अगर कोई भी कर्मचारी या अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ नियमों के तहत सबसे सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
गिनती करने वाले कर्मचारियों को ‘कारण बताओ नोटिस’
मंदिर में आने वाले चढ़ावे के कुप्रबंधन (Mismanagement) की खबरों पर त्वरित प्रशासनिक एक्शन लिया गया है।
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BKTC के चेयरमैन ने बताया कि उनके मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) ने दान की ‘गिनती प्रक्रिया’ में शामिल सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को आधिकारिक नोटिस जारी कर दिए हैं।
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विशेष रूप से ‘कारण बताओ नोटिस’ (Show Cause Notice) जारी कर संबंधित कर्मचारियों से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
वायरल दावों के बाद 24 घंटे के भीतर एक्शन
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया (Facebook, X आदि) पर कुछ पोस्ट और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे थे, जिनमें श्री बद्रीनाथ मंदिर में आने वाले चढ़ावे और भक्तों के दान की रकम में हेराफेरी के गंभीर आरोप लगाए गए थे।
चूंकि यह मामला देश-विदेश के अनगिनत श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और विश्वास से जुड़ा है, इसलिए मंदिर समिति ने बिना कोई देरी किए इन दावों का तुरंत संज्ञान लिया।
समिति के मुताबिक, सोशल मीडिया पर आरोप सामने आने के महज 24 घंटे के भीतर ही प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई शुरू कर दी गई थी, ताकि दान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनी रहे और भक्तों के मन में किसी भी प्रकार का भ्रम पैदा न हो।
फिलहाल, मंदिर समिति की जांच पैनल की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह से साफ हो सकेगी।











