उत्तर प्रदेश के प्राइमरी शिक्षकों को पदोन्नत करने के लिए बन रही नई नीति 

“उत्तर प्रदेश के प्राइमरी शिक्षकों को पदोन्नति के लिए नई नीति लगभग तय हो चुकी है। बेसिक शिक्षा विभाग इसे जल्द ही अंतिम रुप देकर शासन को भेजने की तैयारी में है। शासन की मोहर लगते ही इसे जारी किया जाएगा”
 
प्रयागराज 08 / 10 / 2024 (शब्द) नीतू कौशल की रिपोर्ट 
 
 
इससे करीब दो लाख शिक्षकों को लाभ होगा। यह पदोन्नति हर तीन साल पर होगी। नेशनल काउंसिल फार टीचर एजुकेशन के दिशा निर्देशों के अनुसार किसी भी शिक्षक को पदोन्नति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य है।
 
प्रदेश में प्राइमरी के 75 प्रतिशत से अधिक सहायक अध्यापक टीईटी परीक्षा पास करने के बाद भी बीते आठ सालों से पदोन्नति की आस लगाए बैठे हैं। इसी मामले को लेकर शिक्षकों ने उच्च न्यायालय में अपील की।
 
उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद विभाग हरकत में आया और सभी जिलों से सूचनाएं एकत्र की जाने लगी है। शिक्षक अब प्रोन्नत होकर उसी स्कूल में हेडमास्टर बन सकेंगे। गौरतलब है कि 2016 के बाद से शिक्षकों की कोई पदोन्नति नहीं हुई है।