कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार और CJP की बैठक; छात्रों की FIR वापसी और 1-1 करोड़ मुआवजे पर बनी सहमति!

नीट विवाद: CJP-सरकार में सकारात्मक वार्ता, आ रहा नया सख्त कानून

नीट विवाद: वांगचुक ने तोड़ा अनशन, CJP की सरकार से वार्ता; पेपर लीक पर 10 साल की जेल और 10 करोड़ जुर्माने का कानून जल्द”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

दिल्ली के जंतर-मंतर पर बीते कई दिनों से चल रहे उग्र प्रदर्शन और नीट (NEET) विवाद को सुलझाने के लिए सरकार का सबसे बड़ा मंथन जारी है।

एक तरफ जहां सरकार के लिखित आश्वासन के बाद एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने अपना अनशन खत्म कर दिया है, तो वहीं दूसरी तरफ सरकार और प्रदर्शनकारी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के बीच पहली आधिकारिक वार्ता संपन्न हुई है।

इस बीच, केंद्र सरकार पेपर लीक माफियाओं पर नकेल कसने के लिए एक बेहद सख्त कानून लाने जा रही है, जिसमें 10 साल की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान होगा।

सोनम वांगचुक ने नड्डा के हाथों तोड़ा अनशन

नीट समेत शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर पिछले कई दिनों से अनशन कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने आखिरकार अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है।

सरकार की तरफ से मिले ठोस और लिखित आश्वासन के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने उन्हें जूस पिलाकर उनका अनशन खुलवाया।

सरकार और CJP के बीच कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में मंथन

प्रदर्शनकारियों के साथ गतिरोध तोड़ने के लिए शुक्रवार को सरकार की तरफ से एक बड़ी पहल की गई।

पहले सरकार ने CJP को जेपी नड्डा के घर या ऑफिस में बातचीत का न्योता दिया था, लेकिन CJP ने ‘न्यूट्रल’ जगह की शर्त रखी।

सरकार ने यह शर्त मान ली और इसके बाद दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब (VP हाउस के कमरा नंबर 504) में एक अहम बैठक हुई।

  • कौन-कौन रहा मौजूद: बैठक में सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह शामिल हुए, जबकि CJP की तरफ से सौरभ दास और आशुतोष रांका ने प्रतिनिधित्व किया।

  • क्या हुई बात: करीब 2 घंटे चली इस बैठक में CJP ने 5 पैराग्राफ की एक लिखित डिमांड रखी, जिसमें 3 मुख्य मांगें और परीक्षा सुधार के 5 सुझाव शामिल थे।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने बैठक के बाद बताया, “CJP नेताओं के साथ हमारी अच्छी चर्चा हुई है। हमने उनसे कहा है कि हम सरकार के भीतर इस पर चर्चा करेंगे और कल दोपहर उनसे दोबारा मिलकर आगे की जानकारी देंगे।”

CJP की 3 प्रमुख मांगें और 2 पर बनी सहमति

CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बैठक के बाद बताया कि सरकार ने उनकी दो मांगों पर ‘सैद्धांतिक मंजूरी’ दे दी है।

  1. मुआवजा: आत्महत्या करने वाले छात्रों के पीड़ित परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिले। (सरकार राजी)

  2. FIR वापसी: छात्रों पर दर्ज FIR वापस ली जाए और पुलिस एक्शन के लिए सरकार माफी मांगे। (सरकार राजी)

  3. शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान तुरंत इस्तीफा दें। (सरकार ने कल दोपहर तक का समय मांगा है)

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ी CJP, जारी रहेगा प्रदर्शन

भले ही सोनम वांगचुक ने अनशन खत्म कर दिया हो, लेकिन CJP ने साफ कर दिया है कि शिक्षा मंत्री के इस्तीफे से कम उन्हें कुछ भी मंजूर नहीं है।

CJP नेता अभिजीत दीपके ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया है कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, जंतर-मंतर पर उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।

पेपर लीक पर सबसे सख्त कानून ला रही मोदी सरकार

इधर, सड़क पर मचे बवाल के बीच मोदी सरकार संसद में पेपर लीक को रोकने के लिए एक बेहद कड़ा कानून लाने की तैयारी कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में इस नए कानूनी मसौदे पर चर्चा की गई है।

  • क्या होंगे प्रावधान: नए कानून में दोषियों को 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान होगा।

  • फास्ट ट्रैक कोर्ट: इन मामलों की सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे और अधिकतम 3 महीने के भीतर फैसला सुनाया जाएगा।

  • माना जा रहा है कि कैबिनेट की मंजूरी के बाद सोमवार को मानसून सत्र में संसद के पटल पर यह बिल पेश किया जाएगा।