“हिमाचल प्रदेश में पिछले 24 घंटों से जारी भारी बारिश और बर्फबारी (Snowfall) ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है”
शिमला/धर्मशाला ‘The Politics Again’ संतोष सेठ की रिपोर्ट
पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों की सुविधाओं पर पड़ा है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (HPSDMA) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश भर में सार्वजनिक सेवाएं चरमरा गई हैं।
शुक्रवार शाम जारी राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (SEOC) की रिपोर्ट ने स्थिति की गंभीरता को बयां किया है:
सड़कें: प्रदेश भर में कुल 683 सड़कें पूरी तरह से बंद हैं। इसमें दो प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-03 और NH-505) भी शामिल हैं।
बिजली: भारी बर्फबारी से बिजली के खंभों और लाइनों को नुकसान पहुंचा है। कुल 5,775 वितरण ट्रांसफार्मर (DTRs) ठप पड़े हैं, जिससे लाखों घरों में अंधेरा छा गया है।
पानी: बिजली न होने से 126 जल आपूर्ति योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे पीने के पानी की किल्लत हो सकती है।
बर्फबारी का सबसे रौद्र रूप जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में देखने को मिला है।
यहाँ अकेले 290 सड़कें बंद हैं।
कोक्सर-रोहतांग दर्रा, दरचा-सरचू और ग्राम्फू-बताल जैसे महत्वपूर्ण मार्ग पूरी तरह बर्फ की सफेद चादर से ढक गए हैं और यातायात के लिए खतरनाक हो गए हैं।
मंडी और चंबा भी बेहाल
मंडी: जिले में 126 सड़कें बंद हैं और सबसे ज्यादा 694 ट्रांसफार्मर खराब हुए हैं, जिससे जिले का बड़ा हिस्सा अंधेरे में है।
चंबा: यहाँ 132 सड़कें अवरुद्ध हैं और 643 ट्रांसफार्मर ठप हैं।
कुल्लू: पर्यटन नगरी कुल्लू में 79 सड़कें बंद हैं और हाई-टेंशन लाइनों में खराबी के कारण 587 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं।
शिमला: राजधानी शिमला और आसपास के इलाकों में 23 जनवरी से बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है। ईंधन की कमी से बैकअप जनरेटर भी काम नहीं कर पा रहे हैं।
राज्य सरकार ने स्थिति को देखते हुए रेड अलर्ट मोड में काम करना शुरू कर दिया है।
बहाली कार्य: मशीनरी और फील्ड टीमों को तैनात कर दिया गया है और युद्धस्तर पर सड़कें खोलने और बिजली बहाल करने का काम जारी है।
एडवाइजरी: प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें। विशेष रूप से ऊंचाई वाले इलाकों (High-altitude areas) में जाने का जोखिम न उठाएं।
तैयारी: मौसम विभाग द्वारा आने वाले दिनों में और बर्फबारी की संभावना जताए जाने के बाद आपातकालीन प्रतिक्रिया टीमों (Emergency Response Teams) को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
पर्यटकों को सलाह दी जाती है कि वे हिमाचल आने से पहले जिला प्रशासन की वेबसाइट या हेल्पलाइन से सड़क की स्थिति की पुष्टि जरूर कर लें।
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