राष्ट्रीय मतदाता दिवस 2026: ‘मेरा भारत, मेरा वोट’ की थीम पर देश मना रहा लोकतंत्र का उत्सव; जानिए क्यों खास है 25 जनवरी

“दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र भारत में आज (25 जनवरी) राष्ट्रीय मतदाता दिवस (National Voters’ Day) मनाया जा रहा है “

नई दिल्ली | ‘The Politics Again’ संतोष सेठ की रिपोर्ट 

यह दिन हर भारतीय नागरिक को उसके सबसे बड़े संवैधानिक अधिकार—’मतदान’—की याद दिलाता है। इस वर्ष देश अपना 16वां राष्ट्रीय मतदाता दिवस मना रहा है।

चुनाव आयोग से लेकर विभिन्न सरकारी और गैर-सरकारी संस्थाएं इस अवसर पर लोगों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित कर रही हैं।

इस वर्ष की थीम: ‘मेरा भारत, मेरा वोट’

‘The Politics Again’ को मिली जानकारी के अनुसार, साल 2026 के लिए मतदाता दिवस की थीम ‘मेरा भारत, मेरा वोट’ (Mera Bharat, Mera Vote) रखी गई है। यह थीम इस बात पर जोर देती है कि एक सशक्त भारत के निर्माण में हर एक वोट की कीमत क्या है।

इसका उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर युवाओं को यह एहसास दिलाना है कि राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी केवल मतदान केंद्र तक जाने से ही सुनिश्चित होती है।

इतिहास: 25 जनवरी ही क्यों?

25 जनवरी की तारीख भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज है।

  • ECI का गठन: इसी दिन साल 1950 में ‘भारत निर्वाचन आयोग’ (Election Commission of India) का गठन हुआ था।

  • शुरुआत: आयोग के स्थापना दिवस को यादगार बनाने और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में लोगों की भागीदारी बढ़ाने के लिए साल 2011 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के कार्यकाल में इस दिवस को मनाने की शुरुआत हुई थी। तब से हर साल 25 जनवरी को यह दिवस मनाया जाता है।

महत्व: युवाओं को जोड़ने की मुहिम

इस दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य नागरिकों, विशेषकर उन युवाओं को चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना है जो हाल ही में 18 वर्ष के हुए हैं।

  1. अधिकार और जिम्मेदारी: यह दिन बताता है कि वोट देना केवल अधिकार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी है।

  2. चुनाव आयोग का सम्मान: यह दिन उस संस्था (चुनाव आयोग) के प्रति सम्मान व्यक्त करने का भी है, जो देश में निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव संपन्न कराती है।

लोकतंत्र में एक ‘वोट’ की ताकत

भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में सरकारें जनता द्वारा चुनी जाती हैं। मतदान वह शक्ति है जो एक आम नागरिक को ‘किंगमेकर’ बनाती है।

  • विकास का आधार: आपके वोट से चुना गया प्रतिनिधि ही सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं की दिशा तय करता है।

  • भविष्य का निर्माण: मतदान न करना दूसरों को अपने लिए फैसले लेने की छूट देने जैसा है। इसलिए, समाज की समस्याओं का समाधान और देश का भविष्य तय करने में हर वोट मायने रखता है।

The Politics Again की अपील

अगर आप 18 वर्ष के हो चुके हैं और आपका नाम वोटर लिस्ट में नहीं है, तो आज ही पंजीकरण कराएं। याद रखें, एक वोट से सरकारें बनती भी हैं और गिरती भी हैं।

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