हिमाचल में मानसून का तांडव: शिमला-सिरमौर में तबाही, कुल्लू में मौत
हिमाचल में मानसून का तांडव: शिमला-सिरमौर में भारी तबाही, कुल्लू में पत्थर गिरने से एक की मौत, 15 जुलाई तक अलर्ट”
शिमला: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून की पहली भारी बारिश ने पूरे राज्य में तबाही मचा दी है। मूसलाधार बारिश का सबसे अधिक असर शिमला, सिरमौर और सोलन जिलों में देखने को मिला है।
लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, सड़कें बंद हो गई हैं और बिजली-पानी का संकट गहरा गया है। कुल्लू में एक दर्दनाक हादसे में एक बुजुर्ग की जान चली गई है।
शिमला और कुल्लू में भारी नुकसान
प्रदेश की राजधानी शिमला और आसपास के क्षेत्रों में बारिश ने जमकर कहर बरपाया है।
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शिमला जिले में जगह-जगह भूस्खलन होने से 27 सड़कें पूरी तरह बंद हो गई हैं।
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67 बिजली ट्रांसफार्मर ठप होने के कारण कई इलाकों में अंधेरा छा गया है और 53 पेयजल योजनाएं भी बंद पड़ गई हैं।
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शिमला के विकासनगर क्षेत्र में एक भवन के सामने की दीवार अचानक गिर गई। इसकी चपेट में आकर सड़क किनारे खड़ी दो गाड़ियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। गनीमत रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
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कुल्लू जिले के आनी उपमंडल में एक दर्दनाक हादसा हुआ। आनी-चवाई मार्ग पर अचानक पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से 70 वर्षीय शिवराम (पुत्र स्वर्गीय गंगा राम, निवासी बुआंदा ग्राम पंचायत बखनाओ) की मौके पर ही मौत हो गई।
सिरमौर और सोलन: स्कूल बंद, बांध के गेट खोले गए
सुरक्षा के मद्देनजर, सिरमौर और सोलन जिलों के प्रशासन ने शुक्रवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों, कॉलेजों तथा अन्य शिक्षण संस्थानों में अवकाश घोषित कर दिया।
सोलन के उपायुक्त मनमोहन शर्मा और सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने हालात को देखते हुए यह आदेश जारी किए।
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सिरमौर जिले में पिछले 24 घंटों से जारी बारिश के कारण 4 दर्जन (48) से अधिक सड़कें बंद हैं।
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गिरि नदी का जलस्तर खतरे के निशान की तरफ बढ़ने के बाद गिरि जटोंन बांध के सभी 10 गेट खोल दिए गए हैं। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
मंडी-मनाली हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रुकी
लगातार बारिश का असर मंडी जिले में भी साफ देखा जा रहा है। मंडी-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग पर हनोगी बाजार से पहले पहाड़ी से एक बड़ी चट्टान और मलबा सड़क पर आ गिरा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी है।
बीते 24 घंटे में कहां, कितनी बारिश?
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस मानसून सीजन की अब तक की सबसे अधिक बारिश सिरमौर जिले के पच्छाद में दर्ज की गई है।
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शहर/क्षेत्र (जिला) |
दर्ज की गई बारिश (मिमी) |
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पच्छाद (सिरमौर) |
207 |
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नाहन (सिरमौर) |
158 |
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कसौली (सोलन) |
145 |
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धर्मपुर (सोलन) |
136 |
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सोलन (मुख्य) |
113 |
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पालमपुर (कांगड़ा) |
109 |
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जोत (चंबा) |
83 |
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जुब्बड़हट्टी |
72 |
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कुफरी / भरवाईं (ऊना) |
62 |
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घाघस (बिलासपुर) |
62 |
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शिलारू (शिमला) |
60 |
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काहू (बिलासपुर) |
56 |
15 जुलाई तक मौसम विभाग का ‘येलो अलर्ट’
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हालात को देखते हुए प्रदेश के कई हिस्सों में 15 जुलाई तक भारी बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है।
विभाग का पूर्वानुमान है कि 16 जुलाई को भी मौसम खराब रहेगा, हालांकि उस दिन के लिए फिलहाल कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
प्रशासन ने स्थानीय लोगों और पर्यटकों से नदी-नालों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है।











