हिमाचल में मानसून की तबाही: 3 जगह बादल फटे, 1 मौत
हिमाचल प्रदेश में मानसून के आते ही मची भारी तबाही: 3 जगह फटे बादल, मंडी में गिरे पत्थर से महिला की मौत; 35 सड़कें और 127 ट्रांसफार्मर ठप”
शिमला/मंडी: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश में मानसून की दस्तक के साथ ही कुदरत का कहर टूट पड़ा है। बुधवार को पूरे प्रदेश में मानसून के पहुंचते ही कई जिलों में तबाही के निशान साफ देखे जा सकते हैं।
लगातार हो रही भारी बारिश के कारण लाहौल-स्पीति और चंबा में तीन जगह बादल फटने (Cloudburst) की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि मंडी जिले में पहाड़ से गिरे पत्थर की चपेट में आने से एक महिला की दर्दनाक मौत हो गई।
लाहौल-स्पीति: दो जगह फटे बादल, लेह हाईवे बंद
लाहौल में मंगलवार रात को दो अलग-अलग जगहों पर बादल फटने से भारी तबाही हुई।
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पट्टन घाटी: यहां की रानिका पंचायत के पड़ाक गांव में बादल फटने से आई भीषण बाढ़ ने किसानों की फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया है और रीवालिंग संपर्क सड़क बंद हो गई है।
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जिस्पा: यहां बादल फटने से नाले में बाढ़ आ गई। मलबे के कारण सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग और तांदी-संसारी मार्ग यातायात के लिए पूरी तरह से अवरुद्ध हो गए हैं।
चंबा में सड़क धंसी, 30 पंचायतों का संपर्क कटा चंबा जिले के साहो क्षेत्र स्थित ग्राम पंचायत कीड़ी में बादल फटने से सेब के बगीचों को भारी नुकसान पहुंचा है।
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पुलियां बहीं: कीड़ी-बंजल मार्ग पर जुंगली नाला के समीप 500 मीटर सड़क ध्वस्त हो गई है और पानी के तेज बहाव में कैंची मोड़ के पास बनी 3 पैदल पुलियां बह गईं।
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सड़कें ठप: भारी बारिश से पठानकोट-भरमौर हाईवे और चंबा-तीसा मार्ग जलस्तर बढ़ने से 6 घंटे तक बंद रहे। इससे 30 पंचायतों का संपर्क पूरी तरह कट गया। सलूणी में घरों में मलबा घुस गया और किलाड़-सेचू मार्ग पर एक जेसीबी मशीन मलबे में दब गई।
मंडी में पहाड़ से गिरे पत्थर ने ली महिला की जान
मंडी जिले में बुधवार सुबह मूसलाधार बारिश हुई, जिससे ब्यास नदी सहित सभी नदी-नाले उफान पर हैं।
औट स्थित शनि मंदिर के पास एक दुखद घटना घटी। यहां बुधवार सुबह एक बच्चे को उल्टी करवाने के लिए कार से बाहर निकली एक महिला की पहाड़ी से गिरे भारी पत्थर की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई।
ऊना में जलमग्न हुई सड़कें, दुकानें खतरे में
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ऊना में बुधवार सुबह से शुरू हुई बारिश से सब्जी मंडी और व्यापार प्रभावित हुआ है। कई दुकानों में पानी घुस गया है और स्वां नदी का जलस्तर बढ़ गया है।
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चिंतपूर्णी क्षेत्र के भरवाईं में मूसलाधार बारिश से मुबारिकपुर-रानीताल राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) पर सड़क का एक बड़ा हिस्सा धंस गया, जिससे आसपास की दुकानों पर गंभीर खतरा मंडराने लगा है।
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हालांकि, कुछ क्षेत्रों में बारिश न होने से उमस बढ़ गई है।
35 सड़कें और 127 ट्रांसफार्मर ठप
प्रदेश आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के ताजा आंकड़ों के अनुसार, बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य भर में कुल 35 सड़कें यातायात के लिए पूरी तरह बंद हो गई हैं।
इसके अलावा 127 बिजली ट्रांसफार्मर भी ठप पड़े हैं, जिससे कई स्थानों पर बिजली और पेयजल आपूर्ति बुरी तरह से प्रभावित हुई है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त अपील की है।











