देश भर में मानसून की बारिश, पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और दिल्ली-एनसीआर में मौसम के बदलाव को दर्शाता प्रतीकात्मक चित्र।

मानसून ने दी राहत, लेकिन पहाड़ी राज्यों में आई भारी तबाही

मानसून का डबल अटैक: उत्तर भारत को गर्मी से राहत, लेकिन पहाड़ों और तटीय इलाकों में बाढ़-भूस्खलन से हाहाकार”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

दक्षिण-पश्चिम मानसून ने पूरे उत्तर-पश्चिम भारत को अपनी जद में ले लिया है। एक तरफ जहां दिल्ली, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है, वहीं दूसरी तरफ पहाड़ी और तटीय राज्यों में भारी बारिश ने तबाही का मंजर ला खड़ा किया है।

प्रमुख राज्यों में मानसून का प्रभाव

1. दिल्ली-एनसीआर: गर्मी से निजात, झमाझम बारिश

  • तापमान में गिरावट: मानसून की दस्तक के साथ ही दिल्ली में अधिकतम तापमान 34.8 डिग्री सेल्सियस (सामान्य से 2.6 डिग्री कम) दर्ज किया गया।

  • आगामी पूर्वानुमान: मौसम विभाग (IMD) ने अगले 3 दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। कुछ इलाकों में आंधी-तूफान की गति 80-100 किमी/घंटे तक पहुंच सकती है।

2. उत्तर भारत (पंजाब, हरियाणा, यूपी, राजस्थान)

  • पंजाब व हरियाणा: रुक-रुक कर हो रही बारिश से तापमान सामान्य से काफी नीचे आ गया है। पंजाब के रोपड़ में अधिकतम पारा 35.2 डिग्री दर्ज किया गया।

  • यूपी व राजस्थान: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के कई इलाकों में बारिश से धूल भरी आंधी और गर्मी से राहत मिली है।

3. पहाड़ी राज्य (उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर): तबाही का मंजर

  • उत्तराखंड: बदरीनाथ हाईवे पर पगलानाला और गुलाबकोटी में भारी मलबा आने से सड़क 11.5 घंटे तक बंद रही, जिससे करीब 8,000 श्रद्धालु रास्ते में फंसे रहे।

  • हिमाचल प्रदेश: बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के कारण पूरे राज्य में 46 सड़कें पूरी तरह से ठप हो गई हैं।

  • जम्मू-कश्मीर: लगातार दूसरे दिन बादल फटने से कई इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई और एक प्रमुख सड़क बह गई।

4. असम: बाढ़ के हालात में हल्का सुधार

  • प्रभावित लोग: असम में बाढ़ का कहर थोड़ा कम हुआ है, लेकिन धेमाजी और डिब्रूगढ़ जिलों में अभी भी 25,000 से अधिक लोग प्रभावित हैं।

  • नुकसान: राज्य के 52 गांव अभी भी जलमग्न हैं और 393.44 एकड़ फसलें पानी में डूबी हुई हैं। प्रशासन ने राहत शिविर स्थापित कर अनाज वितरण शुरू कर दिया है।

5. महाराष्ट्र:

  • बीते 24 घंटों में मुंबई और कोंकण क्षेत्र में 21 सेमी से अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे कई इलाकों में गंभीर जलभराव की समस्या पैदा हो गई है।

मौसम विभाग (IMD) का अलर्ट: एक नज़र में

आने वाले दिनों के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने विभिन्न राज्यों के लिए चेतावनियां जारी की हैं। इसे नीचे दी गई तालिका से आसानी से समझा जा सकता है:

अलर्ट का प्रकार प्रभावित राज्य / क्षेत्र संभावित प्रभाव
रेड और ऑरेंज अलर्ट गुजरात, कोंकण-गोवा, तटीय कर्नाटक, मध्य महाराष्ट्र 204.5 मिमी से अधिक अत्यंत भारी वर्षा की संभावना।
ऑरेंज अलर्ट छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, विदर्भ, ओडिशा, सौराष्ट्र-कच्छ भारी से बहुत भारी बारिश और जलभराव की आशंका।
येलो अलर्ट बिहार, झारखंड, तेलंगाना, केरल, पूर्वोत्तर के कई राज्य मध्यम से भारी बारिश और मौसम में बदलाव।

 

विशेष नोट: आईएमडी ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए सतर्कता बरतें।