मक्का रक्षा समझौता: सऊदी, पाक, तुर्किये का ‘इस्लामिक नाटो’
पश्चिम एशिया में बड़ा उलटफेर: सऊदी-पाक-तुर्किये का ‘इस्लामिक नाटो’, हाउती विद्रोहियों का भीषण हमला”
मक्का/सना: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम एशिया (Middle East) में ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे भारी तनाव के बीच भू-राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं।
एक तरफ जहां तीन प्रमुख मुस्लिम देशों—सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये—ने एक ऐतिहासिक सैन्य समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं,
वहीं दूसरी ओर ईरान समर्थित हाउती विद्रोहियों ने यमन और सऊदी अरब पर भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले कर बड़ी तबाही मचाई है।
‘मक्का ज्वॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट’: अस्तित्व में आया ‘इस्लामिक नाटो’
शुक्रवार को इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने ‘मक्का ज्वॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट’ (Mecca Joint Defense Agreement) नामक एक अहम रक्षा समझौते पर दस्तखत किए।
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रक्षा विशेषज्ञों द्वारा इस त्रिपक्षीय समझौते को ‘इस्लामिक नाटो’ (Islamic NATO) के रूप में देखा जा रहा है।
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इस समझौते का सबसे प्रमुख और खतरनाक पहलू यह है कि इन तीनों में से किसी भी एक देश पर होने वाले हमले को ‘तीनों पर हमला’ माना जाएगा और वे इसका सामूहिक जवाब देंगे।
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तुर्की के सुरक्षा अधिकारियों के मुताबिक, यह ऐतिहासिक समझौता सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS), तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के बीच हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान संपन्न हुआ।
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पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इसे आक्रामकता के खिलाफ सामूहिक सुरक्षा की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है।
हाउती विद्रोहियों का यमन और सऊदी अरब पर भीषण हमला
एक ओर जहां मक्का में रक्षा समझौते हो रहे हैं, वहीं ईरान समर्थित हाउती विद्रोही एक बार फिर पूरे क्षेत्र के लिए बड़ा खतरा बनकर उभरे हैं। हाउती विद्रोहियों ने सऊदी अरब और यमन को एक साथ अपना निशाना बनाया है:
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यमन में 58 सैनिकों की मौत: हाउती विद्रोहियों ने यमन सरकार के मिलिट्री ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन्स से जोरदार हमला किया। इस भीषण हमले में 58 सैनिकों की दर्दनाक मौत हो गई है और दर्जनों अन्य गंभीर रूप से घायल हैं।
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सऊदी अरब के नजरान में हमला: विद्रोहियों का दूसरा निशाना सऊदी अरब का नजरान शहर रहा। यहां हुए ड्रोन हमलों में 11 आम नागरिक घायल हो गए। धमाकों के बाद नजरान के कई हिस्सों में भयंकर आग लग गई, जिससे भारी नुकसान की खबर है।
पश्चिम एशिया में एक तरफ बन रहा यह नया सैन्य ‘गठबंधन’ और दूसरी तरफ हाउती विद्रोहियों के आक्रामक हमले यह स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में इस क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव और अधिक गहरा सकता है।











