Mann Ki Baat Feb 2026 highlights

“मन की बात: AI से लेकर अंगदान तक, पीएम मोदी ने पेश किया ‘नये भारत’ का विज़न; बोले- ‘गुलामी के प्रतीकों को पीछे छोड़ रहा है देश'”

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को वर्ष 2026 के अपने दूसरे ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देशवासियों को संबोधित किया”

नई दिल्ली : The Politics Again : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

इस दौरान उन्होंने तकनीक के मानवीय पक्ष, सात समंदर पार भारतीय खिलाड़ियों की चमक और समाज में बढ़ रही अंगदान की जागरूकता पर विस्तार से बात की।

AI और भारतीय ज्ञान का संगम

प्रधानमंत्री ने दिल्ली में आयोजित Global AI Impact Summit की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि कैसे भारत एआई का उपयोग अपनी प्राचीन विरासत को सहेजने में कर रहा है।

उन्होंने विशेष रूप से ‘सुश्रुत संहिता’ के एआई अवतार और अमूल के बूथ का जिक्र किया, जहां एआई की मदद से पशुओं के स्वास्थ्य की 24×7 निगरानी की जा रही है।

उन्होंने कहा, “भारत आज दुनिया को दिखा रहा है कि तकनीक और परंपरा कैसे साथ चल सकते हैं।”

ग्लोबल जर्सी में ‘भारतीय गौरव’

पीएम ने टी-20 वर्ल्ड कप का जिक्र करते हुए उन खिलाड़ियों की सराहना की जो कनाडा, अमेरिका, ओमान और यूएई जैसी विदेशी टीमों की जर्सी पहनकर खेल रहे हैं, लेकिन उनकी जड़ें भारत में हैं।

उन्होंने कनाडा के कप्तान दिलप्रीत बाजवा और अमेरिकी टीम के मोनांक पटेल का नाम लेकर कहा कि भारतीय जहाँ भी जाते हैं, अपनी मातृभूमि का मान बढ़ाते हैं।

अंगदान की ‘नन्ही’ मिसाल

संबोधन का सबसे भावुक हिस्सा केरल की 10 महीने की नन्ही आलिन शेरिन अब्राहम की कहानी रही।

पीएम ने उसके माता-पिता के अंगदान के फैसले को नमन किया और बताया कि कैसे अंगदान की वजह से आज लक्ष्मी देवी और गौरांग बनर्जी जैसे लोग नई जिंदगी जी रहे हैं।

गुलामी की मानसिकता से मुक्ति

प्रधानमंत्री ने घोषणा की कि 23 फरवरी को राष्ट्रपति भवन में स्वतंत्र भारत के पहले भारतीय गवर्नर जनरल सी. राजगोपालाचारी (राजाजी) की प्रतिमा का अनावरण किया जाएगा।

यह ब्रिटिश आर्किटेक्ट एडविन लुटियंस की प्रतिमा की जगह लेगी, जो ‘गुलामी की मानसिकता से मुक्ति’ का प्रतीक है।

सतर्कता और किसान कल्याण

डिजिटल सुरक्षा पर जोर देते हुए पीएम ने ‘Digital Arrest’ और Financial Fraud से बचने के लिए समय-समय पर पासवर्ड बदलने और आधिकारिक माध्यमों से ही KYC कराने का आग्रह किया।

साथ ही, उन्होंने ओडिशा के किसान हिरोद पटेल और केरल में 570 किस्म के धान उगाने वाले किसानों की सफलता को देश के लिए गौरव बताया।

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