फिर सुलगा मणिपुर, पांच जिलों में निषेधाज्ञा और इंटरनेट बंद

“मई 2023 से हिंसा की आग में झुलस रहे मणिपुर में बीते कुछ दिनों से शांति थी, लेकिन अब फिर से हालात बिगड़ गए हैं। लोग सड़कों पर उतर आए हैं। प्रशासन ने पांच जिलों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई और इंटरनेट को बैन कर दिया”

इंफाल 08 / 06 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

मणिपुर में एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। इंफाल में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। बस में आग लगा दी गई और जगह-जगह लोग सुरक्षा बलों से भिड़ गए। इसके बाद प्रशासन ने पांच जिलों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई और इंटरनेट को बैन कर दिया गया। मई 2023 से हिंसा की आग में झुलस रहे मणिपुर में बीते कुछ दिनों से शांति थी, लेकिन अब फिर से हालात बिगड़ गए हैं। 

अरामबाई तेंगगोल नेता की गिरफ्तारी से भड़का तनाव

मणिपुर में फिर से तनाव भड़कने की वजह मैतेई संगठन अरामबाई तेंगगोल के नेता कनन सिंह की गिरफ्तारी को माना जा रहा है। न्यूज़ एजेंसी के मुताबिक संगठन के नेता की गिरफ्तारी के बाद लोग सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने क्वाकेथेल और उरीपोक में सड़कों पर टायर और पुराने फर्नीचर जलाए। उन्होंने मैतेई नेता की रिहाई की मांग की।

शनिवार रात को भी इंफाल में अलग-अलग जगहों पर सुरक्षा बलों के साथ उनकी झड़प हुई। भीड़ ने खुरई लामलोंग में एक बस को भी आग के हवाले कर दिया। एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शनकारियों और पुलिस कर्मियों के साथ झड़प में तीन लोग घायल हो गए। 

क्वाकेथेल में कई राउंड फायरिंग हुई। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने तुलिहाल में इंफाल हवाई अड्डे के गेट का घेराव भी किया। वे हवाई अड्डे के साथ सड़कों पर उतर आए और गिरफ़्तार नेता को राज्य से बाहर ले जाने की कोशिश का विरोध करने के लिए मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। इसके अलावा संगठन के सदस्यों ने प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन करते हुए अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया।

प्रदर्शनकारियों को तितर बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने राजभवन से लगभग 200 मीटर दूर कंगला गेट के सामने कई राउंड आंसू गैस के गोले दागे। इसके अलावा राजभवन की ओर जाने वाली सड़कों पर केंद्रीय बलों की अतिरिक्त तैनाती कर सुरक्षा बढ़ा दी गई। वहीं इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग जिलों में निषेधाज्ञा लागू कर दी गई।

वहीं घाटी के पांच जिलों में शनिवार रात 11.45 बजे से पांच दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गईं। इंफाल पूर्व और बिष्णुपुर जिलों में लोगों के शनिवार रात 10 बजे से अपने घरों से बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।

आयुक्त ने जारी किया आदेश

तनाव फैलने के बाद आयुक्त-सह-सचिव (गृह) एन अशोक कुमार ने आदेश जारी किया। इसमें कहा गया है कि इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, थौबल, काकचिंग और बिष्णुपुर जिलों में मौजूदा कानून एवं व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए आशंका है कि कुछ असामाजिक तत्व जनता की भावनाओं को भड़काने वाले चित्र, घृणास्पद भाषण और घृणास्पद वीडियो संदेशों के प्रसारण के लिए सोशल मीडिया का बड़े पैमाने पर उपयोग कर सकते हैं।

इसका राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर असर पड़ सकता है। यदि कोई व्यक्ति उक्त आदेश के उल्लंघन के लिए दोषी पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि अरामबाई तेंगगोल संगठन के किस नेता को गिरफ्तार किया गया है। इसका खुलासा नहीं किया गया है। 

क्या है अरामबाई तेंगगोल समूह?

सूत्रों के मुताबिक, अरामबाई तेंगगोल की शुरुआत 2020 में एक सांस्कृतिक संगठन के रूप में हुई थी, लेकिन जल्द ही यह एक कट्टरपंथी संगठन में बदल गया। यह उन दो कट्टरपंथी मैतेई संगठनों में से एक है जिन पर मई 2023 में हुई बड़ी संख्या में मैतेई-कुकी झड़पों में शामिल होने का संदेह है। दूसरा मैतेई लीपुन समूह है।

राज्यपाल से विधायकों ने की मुलाकात

मणिपुर के 25 विधायकों और एक सांसद ने राज्यपाल अजय भल्ला से मुलाकात की। उन्होंने मैतेई संगठन अरामबाई तेंगगोल के नेताओं की गिरफ्तारी के बाद पांच जिलों में हुई हिंसा को लेकर बात की। इंफाल पश्चिम, इंफाल पूर्व, थौबल और काकचिंग जिलों में चार या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बिष्णुपुर में कर्फ्यू लगा दिया गया है।

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