"Devotees taking holy dip in Ganga on Makar Sankranti 2026"

मकर संक्रांति 2026: सूर्य के उत्तरायण के साथ देश भर में आस्था का सैलाब; वर्षों बाद बने दुर्लभ ‘महायोग’

“देश भर में आज मकर संक्रांति का पर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। कड़ाके की ठंड के बीच गंगा घाटों से लेकर दक्षिण के मंदिरों तक भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी है”

नई दिल्ली/प्रयागराज ,  14 / 01 / 2026 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, वर्ष 2026 की मकर संक्रांति खगोलीय और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत विशेष है, क्योंकि इस बार ग्रहों का ऐसा दुर्लभ संयोग बन रहा है जो कई दशकों में एक बार देखने को मिलता है।

दोपहर 3:13 बजे होगा सूर्य का राशि परिवर्तन

पंचांग के अनुसार, आज (14 जनवरी, बुधवार) दोपहर 3 बजकर 13 मिनट पर सूर्य देव अपनी दक्षिणायन यात्रा समाप्त कर उत्तरायण होंगे और अपने पुत्र शनि की राशि ‘मकर’ में प्रवेश करेंगे।

शास्त्रों में इसे पिता-पुत्र के मिलन का पर्व भी कहा जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही ‘पुण्य काल’ का आरंभ होगा। हालांकि, ब्रह्म मुहूर्त से ही गंगा, यमुना और गोदावरी जैसी पवित्र नदियों में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगानी शुरू कर दी है।

ग्रहों का ‘महा-संगम’: खुलेंगे समृद्धि के द्वार

इस वर्ष की मकर संक्रांति को जो बात सबसे खास बनाती है, वह है ग्रहों की स्थिति। आज एक साथ रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है।

  • मंदाकिनी योग: सूर्य का प्रवेश अनुराधा नक्षत्र में हो रहा है, जिससे कल्याणकारी ‘मंदाकिनी योग’ बन रहा है।

  • चतुर्ग्रही और बुधादित्य योग: मकर राशि में सूर्य, बुध, शुक्र और शनि की युति से चतुर्ग्रही योग और बुधादित्य योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिषविदों का कहना है कि यह संयोग राजनीति, व्यापार और व्यक्तिगत उन्नति के लिए “गेम चेंजर” साबित होगा।

कश्मीर से कन्याकुमारी तक: अनेक नाम, एक पर्व

‘द पॉलिटिक्स अगेन’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह पर्व भारत की सांस्कृतिक विविधता को एक सूत्र में पिरोता है:

  • उत्तर भारत (यूपी/बिहार): यहाँ इसे ‘खिचड़ी’ पर्व के रूप में मनाया जा रहा है। गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में आज विशेष खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा निभाई जा रही है।

  • गुजरात: यहाँ आकाश रंग-बिरंगी पतंगों से पट गया है। ‘उत्तरायण’ के मौके पर अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव की धूम है।

  • तमिलनाडु: दक्षिण में इसे ‘पोंगल’ के रूप में मनाया जा रहा है, जहाँ नई फसल के चावल से सूर्य देव को भोग लगाया जाता है।

  • असम: पूर्वोत्तर में ‘माघ बिहू’ के साथ पारंपरिक नृत्य और भोज का आयोजन किया गया है।

  • पश्चिम बंगाल: गंगासागर मेले में लाखों श्रद्धालुओं ने मोक्ष की कामना के साथ डुबकी लगाई। मान्यता है कि आज ही के दिन राजा सगर के 60,000 पुत्रों को गंगा जल के स्पर्श से मोक्ष मिला था।

सेहत और परंपरा: तिल-गुड़ का विज्ञान

बाजारों में तिल और गुड़ की भारी मांग देखी गई। आयुर्वेद के जानकारों का कहना है कि जनवरी की ठंड में तिल और गुड़ शरीर को प्राकृतिक गर्माहट (Heat) और इम्यूनिटी प्रदान करते हैं। वहीं, आध्यात्मिक रूप से तिल का दान ‘शनि’ के दोषों को और गुड़ का सेवन ‘सूर्य’ को मजबूत करता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मकर संक्रांति पर अपनी राशि के अनुसार दान करने से ग्रहों के दोष दूर होते हैं और वर्ष भर सुख-समृद्धि बनी रहती है। चूंकि आज (14 जनवरी 2026) सूर्य और शनि का दुर्लभ योग बन रहा है, यहाँ आपकी राशि के अनुसार दान की सूची दी गई है:

मकर संक्रांति 2026: राशि अनुसार महादान सूची

1. मेष (Aries): आपके स्वामी मंगल हैं। आपको गुड़, मूंगफली और मसूर की दाल का दान करना चाहिए। इससे ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

2. वृषभ (Taurus): शुक्र आपके स्वामी हैं। आपको सफेद तिल, ऊनी वस्त्र, चावल और चीनी का दान करना चाहिए। इससे जीवन में विलासिता और सुख की वृद्धि होगी।

3. मिथुन (Gemini): बुध ग्रह की शांति के लिए आप हरी मूंग की दाल, हरा कपड़ा और कंबल का दान करें। यह व्यापार और बुद्धि के लिए शुभ है।

4. कर्क (Cancer): चन्द्रमा के प्रभाव को शुभ करने के लिए चावल, चांदी (अगर संभव हो), सफेद ऊन या सफेद कपड़े का दान करें। इससे मानसिक शांति मिलेगी।

5. सिंह (Leo): आपके स्वामी स्वयं सूर्य देव हैं। आज के दिन तांबा, गेहूं, गुड़ और लाल रंग के कपड़े का दान करना आपके लिए अत्यंत फलदायी है।

6. कन्या (Virgo): आपको हरे मूंग, तेल और तिल-गुड़ का दान करना चाहिए। इससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से मुक्ति मिलेगी।

7. तुला (Libra): शुक्र की कृपा पाने के लिए चीनी, कंबल, सफेद तिल और गुड़ का दान करें। यह दांपत्य जीवन में मधुरता लाता है।

8. वृश्चिक (Scorpio): आपको लाल कपड़ा, मसूर की दाल, गुड़ और खिचड़ी (कच्ची सामग्री) का दान करना चाहिए। इससे शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी।

9. धनु (Sagittarius): गुरु ग्रह की मजबूती के लिए चने की दाल, हल्दी, पीला कपड़ा और धार्मिक पुस्तकें दान करें। यह भाग्य में वृद्धि करेगा।

10. मकर (Capricorn): सूर्य आज आपकी ही राशि में प्रवेश कर रहे हैं और शनि आपके स्वामी हैं। आपको काला तिल, तेल, लोहा और काले कंबल का दान जरूर करना चाहिए। यह साढ़ेसाती या ढैय्या के प्रभाव को कम करेगा।

11. कुंभ (Aquarius): शनि देव की कृपा के लिए तेल, खिचड़ी, काला कपड़ा और काला तिल दान करें। इससे आर्थिक स्थिरता आएगी।

12. मीन (Pisces): आपको चने की दाल, केसर, रेशमी कपड़े और तिल-गुड़ का दान करना चाहिए। इससे करियर और शिक्षा में उन्नति होगी।

विशेष सुझाव:

यदि आपको अपनी राशि नहीं पता है, तो मकर संक्रांति पर ‘खिचड़ी’ (चावल, दाल, नमक, हल्दी, घी) और ‘काला कंबल’ का दान सर्वमान्य और सर्वश्रेष्ठ माना जाता है।

दान करते समय मन में “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप अवश्य करें। आपको और आपके परिवार को मकर संक्रांति की हार्दिक शुभकामनाएं!

राजनीतिक गलियारों में हलचल

मकर संक्रांति के अवसर पर राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हैं। कई बड़े राजनेता आज दलित बस्तियों में खिचड़ी भोज में शामिल हो रहे हैं, तो वहीं कुछ नेता पतंगबाजी के जरिए जनसंपर्क साधते नजर आए। यह पर्व केवल धार्मिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता का भी बड़ा केंद्र बन गया है।

निष्कर्ष:

मकर संक्रांति 2026 न केवल ऋतु परिवर्तन का संकेत है, बल्कि यह अंधकार से प्रकाश की ओर (तमसो मा ज्योतिर्गमय) जाने का संदेश भी है। दुर्लभ योगों के बीच मनाया जा रहा यह पर्व देशवासियों के लिए सुख, समृद्धि और आरोग्य लेकर आया है।

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