Maharashtra First Woman Deputy CM

Maharashtra Cabinet: सुनेत्रा पवार बनीं पहली महिला डिप्टी CM, लेकिन ‘तिजोरी’ की चाबी फडणवीस के पास; अजित दादा जैसा नहीं मिला ‘पावर’

“इतिहास और सियासत: शपथ के बाद विभागों का बंटवारा। सीएम फडणवीस ने अपने पास रखा वित्त और योजना मंत्रालय; सुनेत्रा को मिला उत्पाद शुल्क और खेल विभाग”

[मुंबई] — The Politics Again पोलिटिकल ब्यूरो: संतोष सेठ की रिपोर्ट 

महाराष्ट्र की राजनीति में शनिवार का दिन ऐतिहासिक और चौंकाने वाला दोनों रहा। सुनेत्रा पवार ने राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेकर इतिहास रच दिया।

राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें मुंबई में आयोजित एक भव्य समारोह में पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।

लेकिन शपथ के कुछ ही घंटों बाद जब विभागों (Portfolios) का ऐलान हुआ, तो राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि क्या एनसीपी (अजित गुट) का कद छोटा कर दिया गया है?

बड़ा सवाल: ‘तिजोरी’ अब किसके पास?

महायुति सरकार में सबसे बड़ा बदलाव यह हुआ है कि वित्त (Finance) और योजना (Planning) विभाग—जो अब तक दिवंगत अजित पवार के पास थे और सरकार की ‘रीढ़’ माने जाते हैं—अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने पास रख लिए हैं।

  • मायने: इसका सीधा मतलब है कि 2026 का राज्य बजट अब देवेंद्र फडणवीस ही पेश करेंगे। वित्त विभाग का सीएम के पास जाना यह संकेत देता है कि आर्थिक फैसलों की पूरी कमान अब भाजपा (फडणवीस) के हाथ में है।

सुनेत्रा पवार को क्या मिला?

सरकारी अधिसूचना के अनुसार, नई डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार को तीन विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है:

  1. राज्य उत्पाद शुल्क (State Excise): (यह राजस्व के लिहाज से बड़ा विभाग है)।

  2. खेल एवं युवा कल्याण (Sports & Youth Welfare)।

  3. अल्पसंख्यक विकास व वक्फ (Minority Development & Waqf)।

राजनीतिक विश्लेषण: कद घटा या बढ़ा?

विश्लेषकों का मानना है कि सुनेत्रा पवार को मिले विभाग महत्वपूर्ण जरूर हैं, लेकिन वित्त और योजना के मुकाबले उनका राजनीतिक वजन कम है।

अजित पवार जब डिप्टी सीएम थे, तो वित्त मंत्री के तौर पर वे फंड आवंटन (Fund Allocation) में निर्णायक भूमिका निभाते थे, जिससे विधायकों पर उनकी पकड़ मजबूत रहती थी। अब यह ‘सुपर पावर’ फडणवीस के पास शिफ्ट हो गई है।

शपथ ग्रहण की झलकियाँ समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दूसरे उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे भी मौजूद रहे।

सुनेत्रा पवार ने मराठी में शपथ ली। पवार परिवार और एनसीपी कार्यकर्ताओं के लिए यह भावुक क्षण था, लेकिन मंत्रालयों के बंटवारे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ‘अजित दादा’ वाली पावर फिलहाल मिसिंग है।

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