प्रयागराज माघ मेला लाइव अपडेट

प्रयागराज में आस्था का महाकुंभ: मौनी अमावस्या पर संगम में उमड़ा जनसैलाब

जल-थल-नभ से हो रही निगरानी; ड्रोन और एआई (AI) कैमरों की जद में मेला क्षेत्र, ब्रह्म मुहूर्त से जारी है महास्नान

विशेष संवाददाता | प्रयागराज

धर्म और आस्था की नगरी प्रयागराज में आज माघ मेले का सबसे बड़ा स्नान पर्व ‘मौनी अमावस्या’ पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाया जा रहा है।

संगम के तट पर आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा है कि जहां तक नजर जाए, केवल श्रद्धालु ही नजर आ रहे हैं।

गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन संगम में ब्रह्म मुहूर्त से ही डुबकी लगाने का सिलसिला अनवरत जारी है।

प्रशासन के अनुमान के मुताबिक, आज देर रात तक करीब साढ़े तीन से चार करोड़ श्रद्धालु पुण्य की डुबकी लगाएंगे। आस्था के इस महापर्व को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है।

जल, थल और नभ से ‘त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा’

भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मेला पुलिस ने अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी जल, थल और नभ तीनों स्तरों पर की जा रही है।

  • ड्रोन से नजर: भीड़ के दबाव और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हाई-टेक ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

  • एकीकृत कमांड सेंटर: आईसीसीसी (ICCC) के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है।

  • फोर्स की तैनाती: आरएएफ (RAF), जल पुलिस और नागरिक पुलिस के जवान घाटों और प्रमुख मार्गों पर मुस्तैद हैं।

मेला अधिकारी ने क्या कहा?

माघ मेला अधिकारी ऋषि राज ने व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया,

“हमने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए साढ़े तीन किलोमीटर लंबा घाट तैयार किया है। सभी सात सेक्टरों में यातायात प्रबंधन योजना प्रभावी है। चेंजिंग रूम, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात हैं। जैसे-जैसे भीड़ बढ़ेगी, हम अपनी कार्ययोजना अपडेट करते रहेंगे।”

ग्रह-गोचरों का अद्भुत संयोग: क्यों खास है यह स्नान?

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार मौनी अमावस्या पर ग्रहों का बेहद शुभ संयोग बना है। आज बुधादित्य, महालक्ष्मी, भौमादित्य और नारायण योग का निर्माण हो रहा है।

इसके साथ ही रविवार के दिन मंगल, बुध, शुक्र और चंद्रमा का योग इसे और भी फलदायी बना रहा है।

  • मुहूर्त: अमावस्या तिथि 17 जनवरी की रात 11:53 बजे शुरू होकर आज (18 जनवरी) रात 1:08 बजे तक रहेगी।

  • मौन व्रत का महत्व: मान्यता है कि आज के दिन मौन रहकर (बिना बोले) संगम में स्नान और दान करने से ‘अनंत फल’ की प्राप्ति होती है। जो लोग पूरे माघ महीने कल्पवास नहीं कर पाते, वे यदि आज के दिन स्नान कर लें, तो उन्हें एक महीने के कल्पवास के बराबर पुण्य मिलता है।

3.5 करोड़ का लक्ष्य, 1.5 करोड़ पहले ही लगा चुके डुबकी

प्रशासन के अनुसार, मौनी अमावस्या से एक दिन पहले ही लगभग डेढ़ करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके थे। आज रविवार की छुट्टी और शुभ योग होने के कारण भीड़ के सभी रिकॉर्ड टूटने की संभावना है।

प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निकटतम घाटों का प्रयोग करें और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

PREMIUM NEWS

अपनी Premium Membership चुनें

Premium articles बिना restriction पढ़ें।

Monthly

₹99/month

30 days Premium access

You have successfully subscribed to the newsletter

There was an error while trying to send your request. Please try again.

The Politics Again will use the information you provide on this form to be in touch with you and to provide updates and marketing.