महा-ब्रेकिंग US-Iran Ceasefire: अमेरिका-ईरान में 2 हफ्ते का सीजफायर
महा-ब्रेकिंग: अमेरिका-ईरान के बीच 2 हफ्ते का सीजफायर, लेकिन इजरायल से लेकर सऊदी तक मंडराया मिसाइलों का खौफ!
वाशिंगटन/तेहरान: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़े मिडिल-ईस्ट से एक तरफ राहत भरी खबर आई है, तो दूसरी तरफ दहशत का नया सायरन भी बज उठा है।
अमेरिका और ईरान के बीच आखिरकार 2 हफ्ते के सीजफायर (युद्धविराम) पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया है कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ (Strait of Hormuz) खोलने की शर्तों पर अमेरिका अगले 2 हफ्ते तक ईरान पर कोई हमला नहीं करेगा।
10-सूत्रीय प्रस्ताव पर दोनों देशों के अपने-अपने दावे
इस सीजफायर समझौते को लेकर अमेरिका और ईरान अलग-अलग दावे कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उन्हें ईरान की तरफ से एक 10-सूत्रीय प्रस्ताव मिला है, जिस पर वाशिंगटन विचार कर रहा है। वहीं, तेहरान का सीधा दावा है कि ट्रंप ने उनकी सभी 10 शर्तें मान ली हैं।
सीजफायर के लिए क्या हैं ईरान की 10 शर्तें, देखें लिस्ट
ईरान के सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल ने सीजफायर के लिए राजी होने वाली अपनी 10 शर्तों की लिस्ट जारी की है। जो इस प्रकार हैं-
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ईरान के खिलाफ भविष्य में कोई आक्रामकता (हमला) न करना
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होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का निरंतर नियंत्रण
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यूरेनियम संवर्धन की स्वीकृति
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सभी प्रतिबंधों को हटाना
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संयुक्त राष्ट्र के सभी प्रस्तावों को समाप्त करना
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ईरान को मुआवजा देना तथा क्षेत्र से अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी।
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मिडिल-ईस्ट से अमेरिकी सैन्य बेस और सैनिक हटाए जाएं
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क्षेत्रीय संघर्षों का अंत यानी लेबनान (हिजबुल्लाह पर हमले), गाजा और अन्य मोर्चों पर सभी लड़ाइयां स्थायी रूप से समाप्त हों।
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स्थायी शांति और पुनर्निर्माण हो
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ईरान से द्वितीयक प्रतिबंध भी हटाए जाएं
पाकिस्तान की मध्यस्थता और विदेश मंत्री अराघची का बयान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट कर सीजफायर की पुष्टि की है।
Statement on behalf of the Supreme National Security Council of the Islamic Republic of Iran: pic.twitter.com/cEtBNCLnWT
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) April 7, 2026
उन्होंने इस समझौते के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर की मध्यस्थता के प्रयासों की सराहना की।
अराघची ने कहा: “POTUS (अमेरिकी राष्ट्रपति) द्वारा ईरान के 10-पॉइंट प्रस्ताव को वार्ता का आधार मानने की घोषणा के बाद, यदि ईरान पर हमले रोके जाते हैं, तो हमारी सशस्त्र सेनाएं रक्षात्मक कार्रवाइयां बंद कर देंगी। आगामी दो सप्ताह तक सशस्त्र सेनाओं के समन्वय से होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित मार्ग संभव होगा।”
सुप्रीम सिक्योरिटी काउंसिल ने बताया ‘ऐतिहासिक विजय’
सीजफायर के ऐलान के तुरंत बाद ईरान के सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने इसे अमेरिका की ‘करारी हार’ बताया है।
जारी किए गए बयान में शहीद नेता ग्रैंड अयातुल्लाह इमाम खामेनेई और वर्तमान कमांडर-इन-चीफ अयातुल्लाह सैय्यद मुज्तबा खामेनेई के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा गया, “दुश्मन ने ईरानी राष्ट्र के खिलाफ अपनी आक्रामकता में ऐतिहासिक हार का सामना किया है। ईरान ने एक महान विजय प्राप्त की है और अमेरिका को अपनी 10-सूत्रीय योजना स्वीकार करने के लिए मजबूर कर दिया है।”
सीजफायर के बीच महा-धोखा? मिसाइल हमलों का अलर्ट
एक तरफ सीजफायर के दावों पर जश्न मनाया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही खौफनाक कहानी बयां कर रही है।
ट्रंप के सीजफायर ऐलान के बावजूद मिडिल-ईस्ट में ईरानी मिसाइलों का खौफ मंडरा रहा है। इजरायल, दुबई (UAE), सऊदी अरब और कुवैत पर ईरानी मिसाइल हमलों का रेड अलर्ट जारी कर दिया गया है।
आसमान में लगातार मिसाइलें देखी जा रही हैं, जिनमें से कई को डिफेंस सिस्टम द्वारा इंटरसेप्ट (हवा में नष्ट) किया गया है।
यह साफ नहीं है कि ये मिसाइलें सीजफायर लागू होने से ठीक पहले दागी गईं या यह युद्धविराम का सीधा उल्लंघन है।










