मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में तीन दिवसीय आम महोत्सव का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने किसानों को यूपी की असली ताकत बताते हुए रसायन-मुक्त और AI आधारित खेती पर जोर दिया।
लखनऊ आम महोत्सव: CM योगी ने किया उद्घाटन, ‘मोदी’ और ‘योगीराज’ आम बने आकर्षण का केंद्र; AI फार्मिंग और ग्लोबल एक्सपोर्ट पर सरकार का जोर”
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को फलों के राजा ‘आम’ के सबसे बड़े उत्सव यानी तीन दिवसीय ‘आम महोत्सव’ (Mango Festival) का शानदार आगाज हुआ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया और आम उत्पादक किसानों से विभिन्न किस्मों की विशेषताओं की विस्तार से जानकारी ली।
इस दौरान प्रदर्शनी में रखे करीब आधा किलो वजनी एक खास आम को देखकर मुख्यमंत्री खुद को मुस्कुराने से नहीं रोक पाए और दोनों हाथों में आम लेकर खुशी-खुशी तस्वीर भी खिंचवाई।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने उत्साहवर्धन करते हुए दो पेटी आम भी खरीदे।
इस तीन दिवसीय महोत्सव में देशभर से आए आम की 800 से अधिक बेजोड़ किस्मों को प्रदर्शित किया गया है।
प्रमुख किस्में: इनमें दशहरी, लंगड़ा, चौसा, आम्रपाली, रटौल, लखनऊ सफेदा, अल्फांसो, याकूती, बनाना मैंगो, नूरजहां, लालिमा और टॉमी एटकिंस जैसी विश्व प्रसिद्ध किस्में शामिल हैं।
आकर्षण का केंद्र: महोत्सव में विशेष रूप से ‘मोदी मैंगो’ और ‘योगीराज आम’ लोगों के आकर्षण का मुख्य केंद्र बने हुए हैं।
आम के साथ-साथ प्रदर्शनी में आम से बने अचार, जूस, पल्प और अन्य स्वादिष्ट उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट आम उत्पादकों को सम्मानित करते हुए खुशी जाहिर की कि उत्तर प्रदेश का आम अब ब्रिटेन (UK), यूएई (UAE), मलेशिया और कुवैत समेत कई देशों में निर्यात किया जा रहा है।
सीएम योगी ने बताया कि एक विशेष आम को देशभक्ति और समर्पण के प्रतीक के रूप में “काकोरी ब्रांड” का नाम दिया गया है।
मलिहाबाद के मशहूर दशहरी आम का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि इसे अब जीआई टैग (GI Tag) मिल चुका है।
इसका मतलब है कि यह वैश्विक ब्रांड बन चुका है और दुनिया के किसी भी कोने में इसकी अपनी एक अलग पहचान होगी।
किसानों को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने भविष्य की खेती का विजन रखा। उन्होंने कहा, “हमें यूपी में AI (Artificial Intelligence) बेस्ड फार्मिंग को आगे बढ़ाना है और ई-कॉमर्स व ग्लोबल एक्सपोर्ट को बढ़ाने के लिए हमारी सरकार काम कर रही है।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों को बनाए रखने के लिए किसानों को आम संरक्षित करने वाले बैग उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि उत्पाद पूरी तरह से केमिकल-मुक्त (Chemical-Free) हों और वैश्विक मानकों पर खरे उतरें।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह महोत्सव किसानों के लिए बायर्स-सेलर्स मीट के माध्यम से वैश्विक पहचान दिलाने का एक बड़ा मंच है।
उन्होंने कहा कि यूपी की असली ताकत उसके अन्नदाता किसान हैं, जिनकी कड़ी मेहनत से यह सब संभव हो रहा है।
किसानों को प्रोत्साहित करने और निर्यात को सुगम बनाने के लिए प्रदेश में चार अत्याधुनिक ‘पैक हाउस’ भी बनाए गए हैं।
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