20 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मॉनसून सत्र के काफी हंगामेदार रहने की उम्मीद है। एनडीए सरकार जहां कई अहम बिल पास कराने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना ली है।
संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से: NDA लाएगा 130वां और 131वां संविधान संशोधन बिल, NEET और ‘राम मंदिर’ के मुद्दे पर आर-पार के मूड में विपक्ष”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
संसद के आगामी मॉनसून सत्र में भारी सियासी घमासान और जबरदस्त राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है।
सूत्रों के अनुसार, यह सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक चलने की संभावना है। चार हफ्ते तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण सत्र में कुल 19 बैठकें हो सकती हैं।
कई क्षेत्रीय पार्टियों में हो रहे राजनीतिक बदलावों और सरकार को घेरने की तैयारी कर रहे आक्रामक विपक्ष के कारण, इस बार का मॉनसून सत्र काफी हंगामेदार रहने के आसार हैं।
सत्र की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) एक बड़ा राजनीतिक फैसला ले सकते हैं।
विलय पर फैसला: बागी तृणमूल कांग्रेस (TMC) के 20 सांसदों और शिवसेना (UBT) के छह सांसदों के शिवसेना (शिंदे गुट) में विलय के अहम मामले पर स्पीकर का फैसला आ सकता है।
इसके साथ ही लोकसभा में इन बागी सांसदों के बैठने की व्यवस्था (Seating Arrangement) पर भी स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है।
लोकसभा में दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के करीब खड़ी एनडीए (NDA) सरकार इस सत्र के दौरान कई बड़े और ऐतिहासिक कानून पास कराने की तैयारी कर रही है। इनमें दो सबसे प्रमुख संविधान संशोधन बिल शामिल हैं:
1. 131वां संविधान संशोधन बिल (महिला आरक्षण और परिसीमन): सरकार महिलाओं के लिए आरक्षण और परिसीमन (Delimitation) से जुड़े इस बिल को प्रस्तावित संशोधनों के साथ फिर से पेश कर सकती है।
इस संशोधित बिल में लोकसभा और राज्य विधानसभाओं की सीटों की संख्या में 50% तक की भारी वृद्धि करने का ऐतिहासिक प्रावधान शामिल हो सकता है।
2. 130वां संविधान संशोधन बिल (मंत्रियों की बर्खास्तगी): इस बिल में यह सख्त प्रस्ताव हो सकता है कि अगर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या कोई भी मंत्री गंभीर अपराधों में 30 दिन से ज्यादा समय तक जेल में रहता है, तो उसे स्वतः अपना पद छोड़ना होगा।
हालांकि, संयुक्त संसदीय समिति (JPC) इस कानून के राजनीतिक दुरुपयोग को रोकने के लिए कुछ सुरक्षा उपायों की सिफारिश भी कर सकती है।
संविधान संशोधनों के अलावा, सरकार कई अन्य अहम सुधारों को भी कानूनी रूप देने की दिशा में आगे बढ़ रही है:
‘वन नेशन, वन इलेक्शन’: इस बिल के लिए बनी समिति का कार्यकाल और समय बढ़ाने का प्रस्ताव आ सकता है।
FCRA: विदेशी चंदा नियमन अधिनियम (FCRA) से जुड़े कुछ विवादित कानून पेश किए जा सकते हैं।
अन्य बिल: विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान, एंटी-डोपिंग सुधार, सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने का बिल, कॉर्पोरेट कानून में सुधार और सिक्योरिटीज मार्केट कोड जैसे बिल भी पास कराने के लिए पटल पर रखे जाएंगे।
दूसरी तरफ, विपक्षी गठबंधन (INDIA) ने सरकार को घेरने के लिए अपने तरकश के सभी तीर निकाल लिए हैं। विपक्ष मॉनसून सत्र में इन ज्वलंत मुद्दों पर सरकार से तीखे सवाल करेगा:
NEET पेपर लीक: देश भर में छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर भारी हंगामे के आसार हैं।
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मुद्दा भी विपक्ष प्रमुखता से उठाएगा।
आम आदमी के मुद्दे: कम मॉनसून के कारण सूखे और बाढ़ की स्थिति, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतें, बेतहाशा महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर विपक्ष सरकार की घेराबंदी करेगा।
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