लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे (NE-6) की शानदार तस्वीर

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे शुरू : 3 घंटे का सफर अब सिर्फ 45 मिनट में

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे जनता को समर्पित: 3 घंटे का सफर अब सिर्फ 45 मिनट में, बिना टोल प्लाजा रुके भरेंगे फर्राटा”

लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ और औद्योगिक नगरी कानपुर के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों यात्रियों के लिए एक बेहद बड़ी खुशखबरी है।

 

दोनों शहरों को जोड़ने वाला बहुप्रतीक्षित 63 किलोमीटर लंबा ‘लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे’ (National Expressway-6) उद्घाटन के बाद अब आधिकारिक तौर पर जनता को समर्पित कर दिया गया है।

इस हाईटेक एक्सप्रेसवे के शुरू होने से वर्षों पुरानी ट्रैफिक जाम की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो गई है।

सफर के समय में भारी कमी पहले लखनऊ से कानपुर के बीच का सफर तय करने में लोगों को भारी जाम के चलते ढाई से तीन घंटे का समय लग जाता था।

लेकिन अब इस नेशनल एक्सप्रेसवे-6 (NE-6) के जरिए यह दूरी महज 35 से 45 मिनट में पूरी की जा सकेगी।

1648 दिनों की कड़ी मेहनत और 4500 करोड़ की लागत

लगभग 1648 दिनों की कड़ी मेहनत, आधुनिक तकनीक और सूझबूझ से तैयार हुए इस 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे की नींव वर्ष 2018 में रखी गई थी।

दोनों शहरों के बीच बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए करीब 4,500 करोड़ रुपये की लागत से इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की गई।

मार्च 2019 में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इस ऐतिहासिक परियोजना की आधारशिला रखी थी।

बाद में दिसंबर 2020 में इसके महत्व को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसे ‘नेशनल एक्सप्रेसवे-6’ (NE-6) का दर्जा दिया था।

दो पैकेजों में पूरा हुआ चुनौतीपूर्ण निर्माण

निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस प्रोजेक्ट को दो पैकेजों में बांटा था और इसका जिम्मा ‘पीएनसी इंफ्राटेक’ को सौंपा गया था:

  • पहला पैकेज (एलिवेटेड सेक्शन): यह लखनऊ के अमौसी और शहीद पथ क्षेत्र से जुड़ा लगभग 18 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड (पुल वाला) हिस्सा है। घनी आबादी और भारी यातायात के बावजूद इंजीनियरों ने इसे शानदार तरीके से पूरा किया।

  • दूसरा पैकेज (ग्रीनफील्ड सेक्शन): यह लगभग 45 किलोमीटर लंबा हिस्सा नई भूमि पर विकसित किया गया है। यह मार्ग लखनऊ के 11 और उन्नाव के 31 गांवों से होकर गुजरता है। जून 2026 में ट्रायल रन के बाद अब यह पूरी तरह से जनता के लिए तैयार है।

देश का पहला AI और एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट वाला एक्सप्रेसवे

यह देश का पहला ऐसा एक्सप्रेसवे है जो पूरी तरह से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम से लैस है।

इसके निर्माण में ऑटोमेटेड मशीन गाइड कंस्ट्रक्शन सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, जिससे सड़क की मजबूती और गुणवत्ता विश्वस्तरीय बनी है।

बिना टोल प्लाजा पर रुके कटेगा टोल, 120 किमी/घंटा की होगी स्पीड

इस एक्सप्रेसवे की सबसे बड़ी खासियत इसकी ‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) टोलिंग प्रणाली है। यहां पारंपरिक टोल प्लाजा नहीं बनाए गए हैं, जहां आपको रुककर पर्ची कटवानी पड़े। यात्री इस हाईवे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बिना रुके सफर कर सकेंगे।

टोल टैक्स का भुगतान एडवांस फास्ट टैग (FASTag) और ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे की तकनीक से स्वतः (ऑटोमैटिक) कट जाएगा। इससे यात्रियों के समय और ईंधन दोनों की भारी बचत होगी।

(देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बुनियादी ढांचे से जुड़ी बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें National News in Hindi केवल THE POLITICS AGAIN पर।)