UP Roadways drivers and conductors protesting against illegal vehicles at Awadh Bus Station, Lucknow.

लखनऊ: अवध बस स्टेशन पर रोडवेज कर्मचारियों का प्रदर्शन

लखनऊ: अवध बस स्टेशन पर रोडवेज कर्मचारियों का चक्का जाम, निजी वाहनों और वेतन कटौती के खिलाफ खोला मोर्चा; 16 को महाधरना”

लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : सतेंद्र पटेल की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के चालक और परिचालक अपनी मांगों को लेकर आर-पार के मूड में आ गए हैं।

लखनऊ के कमता स्थित अवध बस स्टेशन पर रोडवेज कर्मचारियों ने अवैध रूप से संचालित निजी वाहनों (डग्गामार) और वेतन कटौती के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए बसों का संचालन ठप कर दिया है। बसों का पहिया थमने से यात्रियों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

लगातार वार्ताओं के विफल होने के बाद कर्मचारियों ने अब 16 अक्टूबर 2026 को बड़े धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी है।

क्यों आक्रोशित हैं रोडवेज कर्मचारी?

चालकों और परिचालकों के प्रदर्शन के पीछे मुख्य रूप से अवैध वाहनों का संचालन और निगम की वेतन नीतियां हैं:

  • अवैध वाहनों का कब्जा: कर्मचारियों का आरोप है कि बस स्टेशन के मुख्य द्वार के सामने डायवर्जन कर दिया गया है।

  • जहां रोडवेज बसों को सवारियां लेनी चाहिए, वहां अब निजी बसें और अर्टिगा जैसी गाड़ियां अवैध रूप से सवारियां भर रही हैं।

  • वेतन में कटौती: निजी वाहनों के कारण रोडवेज बसों में यात्रियों की संख्या घट रही है, जिससे निगम की आय प्रभावित हो रही है।

  • निर्धारित 50 प्रतिशत आय का लक्ष्य पूरा न होने पर कर्मचारियों के वेतन से सीधे कटौती की जा रही है।

  • प्रमुख मांग: कर्मचारी इसी वेतन कटौती को रोकने और ’50 प्रतिशत आय की बाध्यता’ को तत्काल समाप्त करने की मांग कर रहे हैं।

वार्ताएं विफल, अधिकारियों पर अनदेखी का आरोप

कर्मचारियों का आरोप है कि बसों का संचालन ठप होने और पुलिस प्रशासन के साथ तनातनी के बावजूद परिवहन निगम के आला अधिकारी मौके पर नहीं पहुंच रहे हैं।

  • रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद (उत्तर प्रदेश शाखा अवध डिपो) के अध्यक्ष सुरेश कुमार वर्मा और मंत्री कान्तेश कुमार शर्मा ने बताया कि समस्याओं के संबंध में 7 अक्टूबर 2026 को नोटिस दिया गया था।

  • प्रबंधन के साथ 9 और 12 अक्टूबर 2026 को द्विपक्षीय वार्ताएं हुईं, लेकिन समस्याओं का कोई ठोस या निर्णायक समाधान नहीं निकल सका।

16 अक्टूबर को होगा धरना-प्रदर्शन

प्रबंधन के उदासीन रवैये को देखते हुए रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद ने अपना आंदोलन तेज करने का फैसला किया है।

पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत अब 16 अक्टूबर 2026 को सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

परिषद ने चेतावनी दी है कि यदि इस दौरान किसी भी कर्मचारी के खिलाफ दमनात्मक या उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की गई, तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।

📊 रोडवेज कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन (एक नज़र में)

प्रमुख बिंदु (Key Highlights)

विस्तृत विवरण (Details)

📍 प्रदर्शन स्थल

अवध बस स्टेशन, कमता (लखनऊ)।

👥 प्रदर्शनकारी

यूपी रोडवेज के चालक एवं परिचालक (रोडवेज कर्मचारी संयुक्त परिषद, अवध डिपो)।

⚠️ विरोध का मुख्य कारण

बस स्टेशन के पास निजी वाहनों/डग्गामार बसों का अवैध संचालन और सवारियां उठाना।

💰 वेतन संबंधी मांग

50% आय का लक्ष्य पूरा न होने पर हो रही वेतन कटौती पर रोक लगाने की मांग।

❌ वार्ताओं की स्थिति

9 और 12 अक्टूबर 2026 को प्रबंधन के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ताएं बेनतीजा रहीं।

🗓️ आगामी रणनीति

16 अक्टूबर 2026 को सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक महा-धरना और प्रदर्शन।