Breaking News

लेह हिंसा : सोनम वांगचुक की संस्था का विदेशी फंडिग वाला लाइसेंस कैंसिल

“गृह मंत्रालय ने कहा कि वांगचुक के व्यक्तिगत और संयुक्त खातों में धन प्राप्त हुआ, जो एफसीआरए 2010 का सीधा उल्लंघन है” इसमें आगे कहा गया है कि उनके एनजीओ को 2021 और 2024 के बीच विदेशों से करोड़ों रुपये मिले, जिससे संभावित मनी लॉन्ड्रिंग की चिंता बढ़ गई, क्योंकि ये बाहरी विदेशी धन अज्ञात संस्थाओं को भेजे गए थे”

नई दिल्ली 26 / 09 / 2025 द पॉलिटिक्स अगेन डिजिटल डेस्क 

केंद्र सरकार ने गुरुवार को सोनम वांगचुक के गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख (SECMOL) का एफसीआरए लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया।

यह फैसला लद्दाख में हुई हिंसा के बाद लिया गया है जिसमें चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। गृह मंत्रालय (एमएचए) ने अपने आदेश में कहा कि लद्दाख के कार्यकर्ता के गैर-लाभकारी संगठन ने विदेशी चंदा नियमों का ‘बार-बार’ उल्लंघन किया है।

गृह मंत्रालय ने कहा कि वांगचुक के व्यक्तिगत और संयुक्त खातों में धन प्राप्त हुआ, जो एफसीआरए 2010 का सीधा उल्लंघन है। इसमें आगे कहा गया है कि उनके एनजीओ को 2021 और 2024 के बीच विदेशों से करोड़ों रुपये मिले, जिससे संभावित मनी लॉन्ड्रिंग की चिंता बढ़ गई, क्योंकि ये बाहरी विदेशी धन अज्ञात संस्थाओं को भेजे गए थे।

गृह मंत्रालय ने अपने आदेश में कहा कि सोनम वांगचुक खुद को जनता के प्रतिनिधि के रूप में पेश कर रहे हैं, लेकिन वित्तीय कदाचार का उनका रिकॉर्ड कुछ और ही बताता है।

उनके कार्यों से रचनात्मक संवाद पटरी से उतरने और वास्तविक चिंताओं को निजी और राजनीतिक लाभ के औजार में बदलने का खतरा है। अपने आदेश में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा कि 59 वर्षीय वांगचुक के नौ निजी बैंक खाते हैं, लेकिन उनमें से आठ की घोषणा नहीं की गई है।

मंत्रालय ने कहा कि इन आठ खातों में से कई में भारी मात्रा में विदेशी धन जमा है। साथ ही, वांगचुक ने 2021 से 2024 के बीच अपने निजी खाते से लगभग 2.3 करोड़ रुपये विदेश भेजे।

मंत्रालय ने कहा कि वांगचुक को 2018 से 2024 के बीच विभिन्न खातों में 1.68 करोड़ रुपये का विदेशी धन भी प्राप्त हुआ। वह कॉर्पोरेट क्षेत्र की आलोचना तो करते हैं, लेकिन केंद्र सरकार के सार्वजनिक उपक्रमों सहित विभिन्न कॉर्पोरेट संस्थाओं से कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत भारी धनराशि लेते हैं।

लद्दाख में भड़की हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और 40 पुलिसकर्मियों समेत 80 अन्य घायल हो गए। प्रदर्शनकारी लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और छठी अनुसूची के विस्तार की मांग कर रहे थे।

जो शासन, राष्ट्रपति और राज्यपाल की शक्तियों, स्थानीय निकायों के प्रकार, वैकल्पिक न्यायिक तंत्र और स्वायत्त परिषदों के माध्यम से वित्तीय शक्तियों के संदर्भ में आदिवासी आबादी के लिए विशेष प्रावधान करती है।

Santosh SETH

Recent Posts

चावल की महंगाई पर सरकार की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: 4 बड़े फैसले

चावल की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए सरकार का बड़ा 'एक्शन': व्यापारियों के लिए…

5 hours ago

कैंसर की 137 दवाएं 70% तक सस्ती, मरीजों को 3357 करोड़ की बचत

कैंसर के मरीजों के लिए बड़ी राहत: 137 जीवनरक्षक दवाएं हुईं 70% तक सस्ती, सरकार…

5 hours ago

जौनपुर: दिशा समिति की बैठक में किये गए पांच बड़े फैसले

जौनपुर 'दिशा' समिति की बैठक: विकास कार्यों की हुई गहन समीक्षा, सांसद बाबू सिंह कुशवाहा…

5 hours ago

जौनपुर: किसानों की आय बढ़ाने की पहल, 200 कृषकों को बंटे मुफ्त प्याज बीज

जौनपुर के किसानों के लिए खुशखबरी: उद्यान विभाग ने 200 कृषकों को बांटे 'मुफ्त प्याज…

5 hours ago

जौनपुर: रोजगार मेले में जनपद के 589 युवाओं को मिला रोजगार

जौनपुर रोजगार मेला: युवाओं के सपनों को मिली उड़ान, 22 कंपनियों ने 589 अभ्यर्थियों को…

5 hours ago

दिवाली: खुशियों का पर्व या प्रदूषण का संकट? पर्यावरण बनाम राजनीति का द्वंद्व

प्रकाश का पर्व या सांसों का संकट? दिवाली पर प्रदूषण और उस पर होती 'सियासत'…

6 hours ago