एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने लश्कर कमांडर जाकिर गनई को किया ढेर
शोपियां एनकाउंटर: सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, लश्कर-ए-तैयबा का टॉप कमांडर जाकिर गनई ढेर; J&K पुलिस बोली- ‘तुम छिप नहीं सकते’
कश्मीर : THE POLITICS AGAIN डेस्क (डिफेंस/क्राइम रिपोर्ट): संतोष सेठ की रिपोर्ट
दक्षिण कश्मीर (South Kashmir) के शोपियां इलाके में पिछले चार दिनों से चल रहे एक बड़े आतंकवाद-विरोधी अभियान (Anti-Terror Operation) में सुरक्षाबलों को एक अहम कामयाबी हाथ लगी है।
इस संयुक्त ऑपरेशन में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का टॉप कमांडर जाकिर गनई मारा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि मारे गए आतंकवादी का शव बरामद कर लिया गया है और उसके पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी मिला है।
फिलहाल इलाके में छिपे एक अन्य आतंकी की तलाश के लिए सघन तलाशी अभियान (Search Operation) अभी भी जारी है।
‘तुम भाग तो सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते!’
इस सफलता के बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस का मनोबल काफी ऊंचा है। न्यूज़ एजेंसी ‘कश्मीर न्यूज़ ऑब्ज़र्वर’ (KNO) की रिपोर्ट के अनुसार, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट करते हुए आतंकियों को कड़ा संदेश दिया है।
पुलिस ने लिखा, “तुम भाग तो सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते! SOG शोपियां ने सेना की राष्ट्रीय राइफल्स (RR) और CRPF के साथ मिलकर चलाए गए एक जॉइंट ऑपरेशन में लश्कर के एक आतंकवादी को मार गिराया।”
3 जुलाई को CCTV में दिखे थे आतंकी, 4 दिन से चल रहा था ऑपरेशन
यह बड़ा आतंकवाद-विरोधी अभियान चार दिन पहले तब शुरू किया गया था, जब इस इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की पक्की खुफिया जानकारी (Intel) मिली थी।
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सीसीटीवी फुटेज: सैन्य अधिकारियों के अनुसार, 3 जुलाई को शोपियां के मीमंदर (Mimandar) इलाके के एक घने सेब के बागान में लगे निगरानी कैमरों (CCTV) में इन आतंकियों की संदिग्ध गतिविधियां देखी गई थीं।
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यह बागान क्षेत्र लगभग सात गांवों के बड़े इलाके में फैला हुआ है, जिससे आतंकियों के छिपने की बहुत जगह थी।
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फुटेज सामने आने के तुरंत बाद सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस (SOG) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की संयुक्त टीमों ने इस पूरे इलाके की घेराबंदी कर बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया था।
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सेना की विशिष्ट काउंटर-इंसर्जेंसी यूनिट ‘विक्टर फोर्स’ (Victor Force) ने इलाके में अतिरिक्त जवान तैनात कर दिए थे, ताकि आतंकियों के भागने के सभी संभावित रास्तों को पूरी तरह से सील किया जा सके।
कुलगाम के रहने वाले थे दोनों, पहलगाम हमले में था जाकिर का नाम
सुरक्षा एजेंसियों के रिकॉर्ड के मुताबिक, मारा गया आतंकी जाकिर गनई और उसका साथी लतीफ, दोनों दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के ही रहने वाले हैं।
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जाकिर गनई का क्रिमिनल रिकॉर्ड: जाकिर वर्ष 2024 से लश्कर-ए-तैयबा से सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था।
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उसका नाम सुरक्षाबलों पर हुए कुख्यात ‘पहलगाम हमले’ में भी प्रमुख रूप से शामिल था। वह इलाके में आतंकवाद को बढ़ावा देने और नई भर्तियों का मास्टरमाइंड माना जाता था।
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लतीफ की तलाश तेज: वहीं, उसका साथी आतंकी लतीफ पिछले साल (2025) ही इस आतंकी संगठन में शामिल हुआ था।
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सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को कॉर्डन में रखा है और लतीफ को ढेर करने के लिए चप्पे-चप्पे की तलाशी ली जा रही है।
शोपियां में लश्कर कमांडर का मारा जाना सुरक्षाबलों के लिए एक बड़ी रणनीतिक जीत मानी जा रही है, जिससे इलाके में लश्कर के नेटवर्क को करारा झटका लगा है।











