राज्यों की खबरे

कोलकाता: हुगली नदी के नीचे बनेगी अत्याधुनिक अंडरवाटर टनल

🌊 कोलकाता की तस्वीर बदलेगा 8000 करोड़ का महा-प्रोजेक्ट: हुगली नदी के नीचे बनेगी 4.5 KM लंबी ‘अंडरवाटर सड़क सुरंग’

कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और माल परिवहन (Freight Transport) की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए राज्य सरकार एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है।

देश की पहली अंडरवाटर मेट्रो के बाद, अब कोलकाता में हुगली नदी के नीचे एक अत्याधुनिक ‘अंडरवाटर टनल कॉरिडोर’ (सड़क सुरंग) बनाने की तैयारी जोरों पर है।

‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं लगभग 8,000 करोड़ रुपये की लागत वाले इस महा-प्रोजेक्ट की खासियत और इससे बंगाल को होने वाले फायदे:

🚇 ग्रीन लाइन मेट्रो के बाद अब ‘अंडरवाटर सड़क’ की बारी

कोलकाता पहले ही ग्रीन लाइन मेट्रो के रूप में देश की पहली अंडरवाटर मेट्रो सेवा का सफल अनुभव कर चुका है।

  • अब राज्य सरकार इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए नदी के नीचे सड़क सुरंग बनाने जा रही है, जिससे कारें, बसें और भारी मालवाहक वाहन हुगली नदी के नीचे से फर्राटे भर सकेंगे।

  • सुरंग की लंबाई: यह सुरंग कोलकाता से हावड़ा के आलमपुर तक लगभग 4.5 किलोमीटर लंबी होगी।

  • इसे भविष्य की परिवहन आवश्यकताओं और आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है।

🛣️ NH-16 और आर्थिक कॉरिडोर से होगा सीधा कनेक्शन

राज्य सरकार की योजना के अनुसार, इस सुरंग के साथ एक एलिवेटेड कॉरिडोर, रेल ओवरब्रिज और एप्रोच रोड का भी निर्माण किया जाएगा।

  • यह अंडरवाटर कॉरिडोर सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग-16 (NH-16) से जुड़ेगा।

  • भविष्य में इसे वाराणसी-कोलकाता इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी कनेक्ट किया जाएगा, जिससे कोलकाता और हावड़ा के बीच सड़क संपर्क अभूतपूर्व रूप से मजबूत होगा।

🌉 विद्यासागर सेतु को मिलेगी राहत, बंदरगाह को होगा बंपर फायदा

विशेषज्ञों के अनुसार, इस परियोजना से कोलकाता शहर को दो सबसे बड़े फायदे होंगे:

  • ट्रैफिक जाम से मुक्ति: वर्तमान में शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल ‘विद्यासागर सेतु’ पर प्रतिदिन हजारों वाहनों का भारी दबाव रहता है।

  • नई सुरंग शुरू होने के बाद ट्रैफिक का एक बहुत बड़ा हिस्सा इस वैकल्पिक मार्ग पर शिफ्ट हो जाएगा।

  • श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह: इस प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा लाभ श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह को मिलेगा।

  • बंदरगाह तक आने-जाने वाले भारी ट्रक सीधे इस सुरंग का उपयोग कर सकेंगे। इससे माल ढुलाई की लागत और समय दोनों बचेंगे, जिससे आयात-निर्यात (Export-Import) को नई गति मिलेगी।

🏗️ पुल की जगह ‘टनल’ को क्यों दी गई प्राथमिकता?

सूत्रों के अनुसार, पूर्ववर्ती सरकार के दौरान हुगली नदी पर विद्यासागर सेतु की तर्ज पर एक और नया पुल बनाने का प्रस्ताव था।

हालांकि, नई सरकार ने नदी के ऊपर पुल बनाने के बजाय भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अधिक टिकाऊ ‘आधुनिक सुरंग’ का विकल्प चुना है।

हाल ही में राज्य सचिवालय में हुई उच्च स्तरीय प्रशासनिक बैठक में इस पर विस्तार से चर्चा हुई। चूंकि यह हाईवे से जुड़ी परियोजना है, इसलिए इसमें केंद्र की भूमिका अहम है।

जानकारी के मुताबिक, बंदरगाह प्राधिकरण और केंद्रीय जहाजरानी विभाग ने इसके लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (NOC) देने पर सहमति जता दी है।

यदि यह परियोजना तय समयसीमा में पूरी होती है, तो पश्चिम बंगाल पूर्वी भारत के सबसे बड़े लॉजिस्टिक और औद्योगिक हब (Logistic Hub) के रूप में उभरेगा और यह देश की सबसे आधुनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में से एक होगी।

नोट: पश्चिम बंगाल के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, नई सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की हर प्रामाणिक खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।

Santosh SETH

Recent Posts

राजस्थान निकाय चुनाव: भाजपा की जोरदार वापसी, निर्दलियों ने चौंकाया

राजस्थान निकाय चुनाव परिणाम: भाजपा की जोरदार वापसी, कांग्रेस शेखावाटी में मजबूत; निर्दलियों और छोटे…

2 hours ago

लखनऊ: जन्मदिन की पार्टी के बाद मजदूर की गला रेतकर निर्मम हत्या

लखनऊ: जन्मदिन की पार्टी के बाद खौफनाक वारदात, मौरंग के ढेर पर मिला मजदूर का…

21 hours ago

बद्दी पुलिस का तस्करों पर प्रहार: गांजा तस्कर की 1.97 करोड़ संपत्ति फ्रीज

बद्दी पुलिस की नशा तस्करों पर बड़ी स्ट्राइक: गांजा तस्कर राहुल गुप्ता की 1.97 करोड़…

21 hours ago

हिंदी दिवस: अवधी से राजस्थानी तक, जानें हिंदी की 8 प्रमुख बोलियों की खासियत

हिंदी दिवस विशेष: अवधी से लेकर राजस्थानी तक, जानिए हिंदी को समृद्ध बनाने वाली 8…

21 hours ago

रूस-यूक्रेन युद्ध: मोदी और जिनपिंग ने की पुतिन से मध्यस्थता की पेशकश

रूस-यूक्रेन युद्ध: पीएम मोदी और शी जिनपिंग ने की पुतिन से मध्यस्थता की पेशकश, क्रेमलिन…

21 hours ago

ब्रिक्स 2026: भारत की ऐतिहासिक कूटनीतिक जीत के क्या है मायने ?

ब्रिक्स 2026: भारत की ऐतिहासिक कूटनीतिक जीत, दो युद्धों और गहरे मतभेदों के बीच 'नई…

22 hours ago