कोलकाता: प्रेमी ने 16 वर्षीय नाबालिग को सोनागाछी में बेचा, 2 गिरफ्तार
कोलकाता में शर्मनाक वारदात: प्रेमी ने 16 साल की प्रेमिका को ‘सोनागाछी’ में बेचा, पुलिस ने 1 घंटे में किया रेस्क्यू”
कोलकाता (पश्चिम बंगाल): द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक बेहद खौफनाक और इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है।
प्यार की खातिर अपना घर-परिवार छोड़कर भागने वाली एक 16 वर्षीय नाबालिग बच्ची को उसके ही प्रेमी ने धोखा देकर कोलकाता के बदनाम रेड-लाइट इलाके ‘सोनागाछी’ में बेच दिया।
गनीमत यह रही कि समय रहते पुलिस को सूचना मिल गई और पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज एक घंटे के भीतर बच्ची को सकुशल मुक्त करा लिया।
प्यार का झांसा और फिर खतरनाक सौदा
पूछताछ के दौरान पीड़ित नाबालिग ने पुलिस को बताया कि वह उत्तर 24 परगना जिले की रहने वाली है।
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वह शफीकुल मोल्ला नाम के एक युवक से प्यार करती थी और उसी के साथ घर से भागकर कोलकाता आई थी।
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कोलकाता पहुंचने के बाद शफीकुल ने प्यार का खौफनाक सिला दिया और अपनी 16 वर्षीय प्रेमिका को सोनागाछी इलाके में सहरुल लस्कर नाम के एक व्यक्ति के हाथों बेच दिया।
इमरजेंसी कॉल आते ही एक्शन में आई पुलिस
इस घटना का खुलासा तब हुआ जब पुलिस हेल्पलाइन और ‘चाइल्ड हेल्पलाइन’ (Child Helpline) पर एक इमरजेंसी कॉल और ईमेल के जरिए इस सौदे की सूचना दी गई।
बड़ाबाजार पुलिस स्टेशन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि डिस्ट्रेस कॉल करने वाले व्यक्ति से संपर्क कर लड़की की पहचान सुनिश्चित की गई।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत सोनागाछी इलाके में एक सघन तलाशी अभियान चलाया और महज एक घंटे के भीतर किशोरी को उस दलदल से सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दो आरोपी गिरफ्तार, POCSO और BNS में केस दर्ज
इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है:
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शफीकुल मोल्ला (20 वर्ष): लड़की का प्रेमी, जो उत्तर 24 परगना के श्यामनगर स्थित गारुलिया का रहने वाला है।
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सहरुल लस्कर (39 वर्ष): सोनागाछी के दुर्गा चरण मित्रा स्ट्रीट का निवासी, जिसने लड़की को खरीदा था।
पुलिस दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस ह्यूमन ट्रैफिकिंग रैकेट में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल तो नहीं है।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) और अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, 1956 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।











