मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मभूमि कारसेवा का शंखनाद, संतों को रेड कार्ड
मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मभूमि कारसेवा का आज होगा शंखनाद, साध्वी ऋतंभरा समेत 12 संतों को प्रशासन का ‘रेड कार्ड’
मथुरा (उत्तर प्रदेश): द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद अब मथुरा में ‘श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर कारसेवा’ की सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
मथुरा के राधाकुंड क्षेत्र के जुल्हैंदी स्थित ‘चित्रगुप्त पीठ’ में रविवार को हवन-यज्ञ और शिला पूजन के साथ इस कारसेवा का विधिवत शंखनाद होने जा रहा है।
इस भव्य कार्यक्रम के लिए देश के 13 अखाड़ों के साधु-संतों और विभिन्न हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों को आमंत्रित किया गया है,
और उनके पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो चुका है। उम्मीद है कि इस कार्यक्रम में एक हजार से ज्यादा लोग जुटेंगे।
आश्रम में ही होगा मंथन, बाहर नहीं होगी कारसेवा
इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने स्पष्ट किया है कि रविवार का यह संपूर्ण कार्यक्रम (शिला पूजन और शंखनाद) पूरी तरह से ‘आश्रम के अंदर’ ही होगा।
उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति या संत बाहर सड़क पर नहीं जाएगा। आश्रम में ही 13 अखाड़ों के साधु-संत श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति और कारसेवा की आगे की दिशा तय करने के लिए मंथन करेंगे।
ज्ञात हो कि स्वामी सच्चिदानंद ने 4 जुलाई को अयोध्या की तर्ज पर इस आंदोलन का ऐलान किया था और समर्थन के लिए 12 जुलाई को हरिद्वार में साध्वी ऋतंभरा से मुलाकात भी की थी।
बंसीपहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों की पहली खेप पहुंची
श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के इरादे से राजस्थान के भरतपुर स्थित बंसीपहाड़पुर के गुलाबी रंग के 50 हजार घन फीट पत्थरों का ऑर्डर दिया गया है।
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इन पत्थरों की 350 घन फीट की पहली खेप शुक्रवार देर रात चित्रगुप्त पीठ पहुंच गई है। (गौरतलब है कि अयोध्या के राम मंदिर में भी इसी स्थान के पत्थर लगे हैं)।
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कारसेवा के शंखनाद के बाद ओडिशा से बुलाए गए 20 कारीगर इन पत्थरों पर ‘ब्रज संस्कृति’ और भगवान की ‘बाल लीलाओं’ की नक्काशी का काम शुरू करेंगे। फिलहाल प्रशासन की सख्ती को देखते हुए पत्थरों की दूसरी खेप रोक दी गई है।
प्रशासन सख्त: 12 साधु-संतों को ‘रेड कार्ड’ नोटिस जारी
कारसेवा के ऐलान से पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शांति और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए प्रशासन ने 12 प्रमुख साधु-संतों को ‘रेड कार्ड नोटिस’ थमा दिया है। जिन संतों को नोटिस मिला है उनमें शामिल हैं:
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साध्वी ऋतंभरा
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कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर महाराज
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महंत फूलडोल बिहारीदास महाराज
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स्वामी सच्चिदानंद
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महामंडलेश्वर कृष्णानंद महाराज, सहित 12 अन्य संत।
नोटिस में दी गई सख्त चेतावनी
पुलिस द्वारा भेजे गए नोटिस में सख्त हिदायत दी गई है कि धार्मिक भावनाओं की आड़ में समाज को उत्तेजित करने वाले कोई भी पोस्टर या वीडियो सोशल मीडिया पर न डालें।
प्रशासन ने कहा है, “श्रीकृष्ण जन्मस्थान और आसपास के क्षेत्रों में ऐसी किसी भी गतिविधि से बचें जिससे सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़े। यदि कानून-व्यवस्था का उल्लंघन हुआ, तो वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”











