कोलकाता: नौकरी का झांसा देकर सामूहिक दुष्कर्म, मुख्य आरोपी गिरफ्तार
“कोलकाता:नौकरी का झांसा देकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म, कार मालिक गिरफ्तार; दरिंदों ने ब्लैकमेल करने के लिए बनाया था वीडियो”
कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से महिला सुरक्षा को लेकर एक बेहद सनसनीखेज और शर्मनाक मामला सामने आया है।
यहां नौकरी दिलाने का प्रलोभन देकर एक महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape) की वारदात को अंजाम दिया गया है।
कोलकाता के मैदान थाना पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
पकड़े गए आरोपी की पहचान ‘तारक गुड़िया’ के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, तारक उसी कार का मालिक है, जिसका इस्तेमाल इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के लिए किया गया था।
नौकरी के बहाने साजिश, नशीला पदार्थ पिलाकर वारदात
बैंकशाल अदालत (Bankshall Court) में मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी वकील राधानाथ रंग ने घटना का रोंगटे खड़े कर देने वाला विवरण पेश किया।
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उन्होंने अदालत को बताया कि आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत पीड़ित महिला को नौकरी दिलाने का झांसा दिया था।
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इसके बाद महिला को कार में बैठाकर एक सुनसान जगह पर ले जाया गया। वहां उसे जबरन कोई नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश किया गया और फिर दरिंदों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
ब्लैकमेलिंग का खेल: वीडियो बनाकर दी धमकी
आरोपियों की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। सरकारी वकील के मुताबिक, वारदात के दौरान आरोपियों ने इस घिनौनी करतूत का अश्लील वीडियो भी बना लिया था।
इसके बाद पीड़ित महिला का मुंह बंद रखने और पुलिस से शिकायत न करने के लिए, उस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकियां दी जा रही थीं।
लगातार मिल रही धमकियों और प्रताड़ना के बाद, पीड़ित महिला ने हिम्मत जुटाकर इसी साल अप्रैल महीने में मैदान थाने (Maidan Police Station) में आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद से ही पुलिस मामले की गहन जांच और आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही थी।
31 मई तक पुलिस रिमांड पर आरोपी, अन्य की तलाश जारी
रविवार को पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी तारक गुड़िया को बैंकशाल अदालत में पेश किया। सरकारी वकील ने आरोपी की जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और अपराध की गंभीरता को देखते हुए, अदालत ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी और उसे 31 मई तक के लिए पुलिस हिरासत (Police Custody) में भेजने का निर्देश दिया।
फिलहाल कोलकाता पुलिस इस घिनौने अपराध में शामिल अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।











