‘काशी तमिल संगमम् : सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की प्रदर्शनी बनी आकर्षण

“वाराणसी के नमो घाट पर आयोजित ‘काशी तमिल संगमम् 4.0’ में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की इकाई केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बना रहा”

वाराणसी 05 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

प्रदर्शनी के तीसरे दिन हजारों की संख्या में स्कूलों से आये हुए छात्र – छात्राओं, तमिलनाडु से आए हुए डेलिगेट्स तथा स्थानीय लोगों द्वारा प्रदर्शनी का अवलोकन किया गया। तमिलनाडु से काशी तमिल संगमम् में आये हुए डेलिगेट्स द्वारा प्रदर्शनी की सराहना की गई।

उन्होंने कहा कि इस चित्र प्रदर्शनी में काशी और तमिलनाडु की महान विभूतियों का अद्भुत संगम है।केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा प्रदर्शनी देखने आये हुए स्कूलों के छात्र – छात्राओं के बीच चित्र प्रतियोगिता का आयोजन किया गया तथा विजेता छात्र – छात्राओं को पुरस्कार भी प्रदान किया गया।

काशी और तमिलनाडु के बीच सदियों पुराने संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने वाले ‘काशी तमिल संगमम्’ के इस चतुर्थ संस्करण में केंद्रीय संचार ब्यूरो द्वारा लगायी गयी चित्र प्रदर्शनी में तमिलनाडु एवं काशी की महान विभूतियों के राष्ट्र निर्माण में योगदान एवं उनकी उपलब्धियां को दर्शाया गया है।

चित्र प्रदर्शनी में तमिलनाडु की महान विभूतियों जैसे ऋषि अगस्त्य, तमिल महिला कवि संत अव्वैयार, तमिल कवि संत तिरुवल्लुवर, कवयित्री और संत कारैकल अम्माइयार, भक्ति आंदोलन की कवि एवं संत अंडाल (कोधाई), थिरूनावुक्कारसर, तमिल कवि और समाज सुधारक श्री रामलिंग स्वामी (वल्लालर), तमिल विद्वान यू. वी. स्वामीनाथ अय्यर, अग्रणी समाज सुधारक, चिकित्सक, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, ब्रिटिश भारत में पहली महिला विधायक डॉ. मुथुलक्ष्मी रेड्डी, गणितज्ञ श्री निवास रामानुजन, अविष्कारक और उद्योगपति जी.डी. नायडू, खगोलशास्त्री सुब्रमण्यम चंद्रशेखर, भारत में हरित क्रांति के जनक डॉ. एम. एस. स्वामीनाथन, भारत के पूर्व राष्ट्रपति मिसाइल मैन डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम, नोवेल पुरस्कार विजेता वेंकटरामन रामकृष्णन, स्वतंत्र भारत के प्रथम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी, भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति एवं महान दार्शनिक डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन, नोबेल पुरस्कार विजेता एवं महान वैज्ञानिक चंदशेखर वेंकट रमन, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, सुप्रसिद्ध राजनेता एवं भारत रत्न के. कामराज, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं सुप्रसिद्ध राजनेता चिदंबरम सुब्रमण्यम, महान अभिनेता एवं राजनेता एम. जी. रामचंद्रन इत्यादि के जीवन दर्शन को चित्रों एवं शब्दों में दर्शाया गया है।

इसी प्रकार काशी की महान विभूतियां जैसे – संत कबीरदास, संत रविदास, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं शिक्षाविद पंडित मदन मोहन मालवीय, सुप्रसिद्ध शहनाई वादक बिस्मिल्लाह खान, विश्व प्रसिद्ध शास्त्रीय संगीतकार पंडित रविशंकर, महान साहित्यकार जयशंकर प्रसाद इत्यादि के जीवन दर्शन को चित्रों शब्दों के माध्यम से दर्शाया गया है।

चित्र प्रदर्शनी में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में किये जा रहे सरकार के जन कल्याणकारी नीतियों, प्रयासों एवं योजनाओं को भी दर्शाया गया है। जिसमें केंद्र सरकार द्वारा हाल में श्रम सुधार के लिए बनाये गये कानूनो, विभिन्न वस्तुओं एवं सेवाओं पर जीएसटी के दरों को कम करने के लिये किए गये प्रयासों की जानकारी दर्शकों और जनसामान्य के लिए प्रदर्शित की गई है।

चित्र प्रदर्शनी को डिजिटल रूप में भी प्रदर्शित किया गया है, जिसमें काशी तमिल संगमम के बारे में जानकारी देने के साथ-साथ केंद्र सरकार के 11 वर्ष की उपलब्धियों, जीएसटी के दरों में की गई कमी, नये श्रम संहिता के बारे में भी लोगों को जानकारी प्रदान की जा रही है। प्रदर्शनी का प्रचार प्रसार वाराणसी शहर में आ.ई.सी. वैन के माध्यम से भी किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 15 दिसंबर तक निरंतर रहेगी।

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