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मुफ्त कानूनी सहायता: दिशा, टेली-लॉ और NALSA योजनाओं से सुलभ हुआ न्याय | The Politics Again

‘न्याय सबके लिए’: टेली-लॉ से 11 करोड़ लोगों को मिली मुफ्त सलाह, जानें सरकार की वे योजनाएं जो दिला रही हैं किफायती और सुलभ न्याय ‘

नई दिल्ली (The Politics Again): श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट 

भारत में आम नागरिकों, विशेषकर कमजोर और गरीब वर्गों के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाना या कानूनी लड़ाई लड़ना अक्सर आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण माना जाता है।

लेकिन, केंद्र सरकार की ‘दिशा’ (DISHA), ‘टेली-लॉ’ (Tele-Law) और NALSA जैसी कल्याणकारी योजनाओं ने इस तस्वीर को काफी हद तक बदल दिया है।

विधि एवं न्याय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि सरकार किस प्रकार विधिक सेवा प्राधिकरण (LSA) अधिनियम, 1987 के तहत देश के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित कर रही है।

1. दिशा (DISHA) और टेली-लॉ (Tele-Law) कार्यक्रम न्याय तक समग्र पहुंच के लिए ‘दिशा’ योजना चलाई जा रही है। इसका सबसे प्रभावी अंग ‘टेली-लॉ’ है:

  • क्या है सुविधा: इसके तहत नागरिक मुकदमे से पहले ही पैनल के वकीलों से वीडियो या टेली-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए मुफ्त कानूनी सलाह ले सकते हैं।

  • नेटवर्क: यह सुविधा 36 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 777 जिलों (112 आकांक्षी जिले शामिल) में लगभग 25 लाख सामान्य सेवा केंद्रों (CSC) के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध है।

  • बड़ी उपलब्धि: इस कार्यक्रम के तहत 28 फरवरी 2026 तक 11.2 करोड़ से अधिक मामलों में प्री-लिटिगेशन (मुकदमे से पहले) सलाह प्रदान की जा चुकी है।

2. न्याय बंधु (Nyaya Bandhu) और कानूनी साक्षरता नि:शुल्क कानूनी सहायता की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए ‘न्याय बंधु’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है।

  • मुफ्त वकील: इसके तहत पात्र लाभार्थियों को न्यायालयों में मुफ्त वकील मिलते हैं। 28 फरवरी 2026 तक इसमें 10,263 अधिवक्ताओं (Advocates) का पंजीकरण हो चुका है।

  • कानूनी साक्षरता: लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने वाले साक्षरता अभियानों से अब तक 1.21 करोड़ से अधिक लोग लाभान्वित हो चुके हैं।

3. कानूनी सहायता रक्षा वकील प्रणाली (LADCS): कैदियों को बड़ी राहत आपराधिक मामलों में गरीब आरोपियों को कानूनी प्रतिनिधित्व देने के लिए LADCS लागू किया गया है:

  • यह प्रणाली 31 दिसंबर 2025 तक देश के 680 जिलों में काम कर रही थी।

  • इस योजना के तहत 12.62 लाख मामलों में से 8.71 लाख मुकदमों का निपटारा किया जा चुका है।

  • अंडरट्रायल कैदियों की रिहाई: इसके जरिए 2,76,476 विचाराधीन कैदियों (Undertrials) को कानूनी मदद दी गई, जिसके परिणामस्वरूप वित्त वर्ष 2025-26 (दिसंबर 2025 तक) में 59,630 विचाराधीन कैदियों को रिहा किया गया है।

4. NALSA का मजबूत नेटवर्क: सुप्रीम कोर्ट से लेकर तहसील तक राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) समाज के कमजोर वर्गों को मुफ्त कानूनी सेवाएं दे रहा है।

  • ढांचा: पूरे देश में 37 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, 715 जिला (DLSA) और 2,475 तालुक स्तर की समितियां काम कर रही हैं।

  • हालिया आंकड़े: वित्त वर्ष 2025-26 (जनवरी 2026 तक) में NALSA के जरिए 16,60,249 व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सलाह दी गई है और 4.91 लाख जागरूकता शिविरों के जरिए 4 करोड़ से ज्यादा लोगों को जागरूक किया गया है।

Santosh SETH

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